{"_id":"595fbe7b4f1c1b43728b4763","slug":"131499446907-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तो योगी सरकार में भी गड्ढों से होकर गुजरेंगे कांवड़िए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तो योगी सरकार में भी गड्ढों से होकर गुजरेंगे कांवड़िए
Updated Sat, 08 Jul 2017 01:07 AM IST
विज्ञापन
तो योगी सरकार में भी गड्ढों से होकर गुजरेंगे कांवड़िए
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली।
सावन की कांवड़ यात्रा में हर साल शिवालयों को जाने वाले मार्गों के गड्ढे भरे जाते हैं। इस बार तो योगी सरकार ने 30 जून तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने का फरमान सुना दिया था ताकि आम लोगों और कांवड़ियों को शिवालयों तक जाने में परेशानी न हो। इसका कुछ असर तो दिख रहा है, लेकिन कांवड़ियों के गुजरने वाली सड़कें पूरी तरह गड्ढामुक्त नहीं हैं। मतलब, कांवड़ियों को इस बार भी कंकड़ पत्थर, गंदगी, कूड़े के ढेर के अलावा गड्ढों से होकर गुजरना पड़ेगा। सावन के पहले सोमवार से पूर्व अमर उजाला ने कांवड़ियों के गुजरने वाले रास्तों की पड़ताल की तो हालात बहुत ठीक नहीं मिले। प्रस्तुत है कांवड़ यात्रा के मार्गों की लाइव रिपोर्ट-
धोपेश्वरनाथ मंदिर
बिशप कानरॉड रोड, बिशप चौराहा, नटराज रोड, सेना अस्पताल मार्ग और बीआई बाजार का गांधी चौक बदहाल हालत में है। बिशप चौक से नटराज तक डिवाइडर टूट चुका है। इस पर लगा रेलिंग तक टूटकर सड़क के दोनों ओर फैल गया है, जो रात में कभी भी किसी को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। कई बार स्कूटर और रिक्शा आदि इसमें फंसकर गिर भी चुके हैं। सड़क निर्माण कैंट बोर्ड व एमईएस के पचड़े में फंसा है।
अलखनाथ मंदिर
चौपुला से किला पुल तक रोड सीएम आगमन के समय ही चमकाई गई थी, इसलिए ये मार्ग ठीक है, लेकिन किला पुल के रोड साइड वाले मार्गों पर गड्ढे अभी नहीं पटे हैं। किला चौराहे से अलखनाथ मंदिर तक सड़क हाल ही में गड्ढामुक्त की गई थी। इसलिए यहां पिछले बरसों की तुलना में इस बार सबसे कम गड्ढे हैं।
विज्ञापन
मढ़ीनाथ मंदिर
चौपुला से रेलवे पुल तक तो सड़क ठीक है, लेकिन मढ़ीनाथ पुलिया के नीचे कंकड़-पत्थर और गड्ढे नहीं भरे हैं। नलकूप खंड के दफ्तर के सामने टाइल्स उखड़ने से मार्ग फिर से जर्जर हालत जैसा लगता है। अगर गड्ढे नहीं भरे गए तो कांवड़ियों को इसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ेगा। मंदिर के अंदर प्रवेश करते ही अंदर जाने वाला रास्ता भी खराब है। यहां बरसात में जलभराव रहता है।
तपेश्वरनाथ मंदिर
बदायूं रोड से सुभाष नगर होकर तपेश्वरनाथ मंदिर में सावन के पहले सोमवार को गंगाजल चढ़ाकर भोले को प्रसन्न करने वाले कांवड़ियों और आम श्रद्धालुओं को जर्जर और जलभराव वाले मार्ग से होकर गुजरना पड़ेगा। ये मार्ग सबसे खस्ताहाल है। बारिश होने पर यहां से कांवड़ियों को जलभराव वाले रास्ते से होकर मंदिर पहुंचना पड़ेगा। शहर के अंदर से जाने वाले कांवड़ियों के लिए सुभाषनगर पुलिया के नीचे सड़क पर भारी भरकम गड्ढे हैं।
वनखंडीनाथ मंदिर
पीलीभीत बाईपास रोड से अच्छी सड़क मिलेगी। पिछले दिनाें सीएम आने पर सड़क को चमका दिया गया, लेकिन जोगीनवादा में प्रवेश करेंगे तो आपको बदहाली दिखने लगेगी। सड़क पर गड्ढे नजर आएंगे और बजरी व गिट्टी को सड़क पर यूं ही डाल दिया गया है। इसमें कोई भी वाहन लड़खड़ाकर गिर सकता है। नंगे पैर चलने वालाें को दिक्कत होगी। मंदिर के पास पूरी सड़क पर जलभराव है गंदगी की वजह से आप यहां नंगे पैर खड़े नहीं हो सकते हैं। कीचड़ से इलाका लबालब है।
पशुपतिनाथ मंदिर
पिछले साल सावन में कांवड़ियाें को काफी परेशानी हुई थी। मंदिर आने तक का रास्ता नहीं बना था। इस बार पीलीभीत बाईपास रोड तो चमक रही है, लेकिन मंदिर के चारों ओर सड़क कच्ची होने से परिक्रमा करने वाले कांवड़ियाें को दिक्कत होगी। कहीं पर खड़ंजा तो कहीं मिट्टी पड़ी है। रास्ते साफ न हुए तो पत्थर और कंकर से नंगे पैर आने वाले कांवड़िये परेशान हो जाएंगे।
त्रिवटीनाथ मंदिर
कांवड़िए कोहाड़ापीर, प्रेमनगर, मॉडल टाउन रोड और इज्जतनगर रेलवे स्टेशन की रोड से होकर आते हैं। आईवीआरआई ओवरब्रिज बनने से यहां पुल के दोनों भारी भरकम गड्ढे हैं। शहामतगंज फ्लाईओवर निर्माण के चलते शहदाना तक रोड बदहाल है। मूर्ति नर्सिंग होम से प्रेमनगर तक छुटपुट गड्ढों को छोड़कर बाकी मार्ग ठीक ठाक है।
विज्ञापन
सावन की कांवड़ यात्रा में हर साल शिवालयों को जाने वाले मार्गों के गड्ढे भरे जाते हैं। इस बार तो योगी सरकार ने 30 जून तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने का फरमान सुना दिया था ताकि आम लोगों और कांवड़ियों को शिवालयों तक जाने में परेशानी न हो। इसका कुछ असर तो दिख रहा है, लेकिन कांवड़ियों के गुजरने वाली सड़कें पूरी तरह गड्ढामुक्त नहीं हैं। मतलब, कांवड़ियों को इस बार भी कंकड़ पत्थर, गंदगी, कूड़े के ढेर के अलावा गड्ढों से होकर गुजरना पड़ेगा। सावन के पहले सोमवार से पूर्व अमर उजाला ने कांवड़ियों के गुजरने वाले रास्तों की पड़ताल की तो हालात बहुत ठीक नहीं मिले। प्रस्तुत है कांवड़ यात्रा के मार्गों की लाइव रिपोर्ट-
धोपेश्वरनाथ मंदिर
बिशप कानरॉड रोड, बिशप चौराहा, नटराज रोड, सेना अस्पताल मार्ग और बीआई बाजार का गांधी चौक बदहाल हालत में है। बिशप चौक से नटराज तक डिवाइडर टूट चुका है। इस पर लगा रेलिंग तक टूटकर सड़क के दोनों ओर फैल गया है, जो रात में कभी भी किसी को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। कई बार स्कूटर और रिक्शा आदि इसमें फंसकर गिर भी चुके हैं। सड़क निर्माण कैंट बोर्ड व एमईएस के पचड़े में फंसा है।
विज्ञापन
अलखनाथ मंदिर
चौपुला से किला पुल तक रोड सीएम आगमन के समय ही चमकाई गई थी, इसलिए ये मार्ग ठीक है, लेकिन किला पुल के रोड साइड वाले मार्गों पर गड्ढे अभी नहीं पटे हैं। किला चौराहे से अलखनाथ मंदिर तक सड़क हाल ही में गड्ढामुक्त की गई थी। इसलिए यहां पिछले बरसों की तुलना में इस बार सबसे कम गड्ढे हैं।
विज्ञापन
मढ़ीनाथ मंदिर
चौपुला से रेलवे पुल तक तो सड़क ठीक है, लेकिन मढ़ीनाथ पुलिया के नीचे कंकड़-पत्थर और गड्ढे नहीं भरे हैं। नलकूप खंड के दफ्तर के सामने टाइल्स उखड़ने से मार्ग फिर से जर्जर हालत जैसा लगता है। अगर गड्ढे नहीं भरे गए तो कांवड़ियों को इसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ेगा। मंदिर के अंदर प्रवेश करते ही अंदर जाने वाला रास्ता भी खराब है। यहां बरसात में जलभराव रहता है।
तपेश्वरनाथ मंदिर
बदायूं रोड से सुभाष नगर होकर तपेश्वरनाथ मंदिर में सावन के पहले सोमवार को गंगाजल चढ़ाकर भोले को प्रसन्न करने वाले कांवड़ियों और आम श्रद्धालुओं को जर्जर और जलभराव वाले मार्ग से होकर गुजरना पड़ेगा। ये मार्ग सबसे खस्ताहाल है। बारिश होने पर यहां से कांवड़ियों को जलभराव वाले रास्ते से होकर मंदिर पहुंचना पड़ेगा। शहर के अंदर से जाने वाले कांवड़ियों के लिए सुभाषनगर पुलिया के नीचे सड़क पर भारी भरकम गड्ढे हैं।
वनखंडीनाथ मंदिर
पीलीभीत बाईपास रोड से अच्छी सड़क मिलेगी। पिछले दिनाें सीएम आने पर सड़क को चमका दिया गया, लेकिन जोगीनवादा में प्रवेश करेंगे तो आपको बदहाली दिखने लगेगी। सड़क पर गड्ढे नजर आएंगे और बजरी व गिट्टी को सड़क पर यूं ही डाल दिया गया है। इसमें कोई भी वाहन लड़खड़ाकर गिर सकता है। नंगे पैर चलने वालाें को दिक्कत होगी। मंदिर के पास पूरी सड़क पर जलभराव है गंदगी की वजह से आप यहां नंगे पैर खड़े नहीं हो सकते हैं। कीचड़ से इलाका लबालब है।
पशुपतिनाथ मंदिर
पिछले साल सावन में कांवड़ियाें को काफी परेशानी हुई थी। मंदिर आने तक का रास्ता नहीं बना था। इस बार पीलीभीत बाईपास रोड तो चमक रही है, लेकिन मंदिर के चारों ओर सड़क कच्ची होने से परिक्रमा करने वाले कांवड़ियाें को दिक्कत होगी। कहीं पर खड़ंजा तो कहीं मिट्टी पड़ी है। रास्ते साफ न हुए तो पत्थर और कंकर से नंगे पैर आने वाले कांवड़िये परेशान हो जाएंगे।
त्रिवटीनाथ मंदिर
कांवड़िए कोहाड़ापीर, प्रेमनगर, मॉडल टाउन रोड और इज्जतनगर रेलवे स्टेशन की रोड से होकर आते हैं। आईवीआरआई ओवरब्रिज बनने से यहां पुल के दोनों भारी भरकम गड्ढे हैं। शहामतगंज फ्लाईओवर निर्माण के चलते शहदाना तक रोड बदहाल है। मूर्ति नर्सिंग होम से प्रेमनगर तक छुटपुट गड्ढों को छोड़कर बाकी मार्ग ठीक ठाक है।