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Bareilly News: स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी छिपा रहे 13 अस्पताल रडार पर

Wed, 21 Jun 2023 02:54 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jun 2023 02:54 AM IST
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13 hospitals hiding information about health services on the radar
बरेली। जच्चा-बच्चा की सेहत सुधारने, योजनाओं का लाभ जरूरतमंद तक पहुंचाने और संक्रामक बीमारियों की प्रभावी निगरानी में कई निजी अस्पताल अड़चन बन रहे हैं। रिकॉर्ड खंगालने के बाद पता चला है कि 13 अस्पताल और लैब पिछले छह माह से जरूरी सूचनाएं छिपा रहे हैं। इस पर सीडीओ जगप्रवेश ने इन्हें नोटिस जारी किया गया है। तत्काल रिकॉर्ड मुहैया न कराने और दिशानिर्देश के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पिछले साल शासन ने निजी अस्पतालों में जन्म, मृत्यु, प्रसव, गर्भवती और नवजात का टीकाकरण, प्रसव के बाद बच्चे का वजन, बीमारी आदि की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को पोर्टल पर मुहैया कराने के निर्देश दिए थे। जिले के करीब तीन सौ और शहर में संचालित डेढ़ सौ से ज्यादा निजी अस्पतालों और लैब के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण भी दिया गया था। दिशानिर्देश के बावजूद 70 फीसदी निजी अस्पतालों और लैब ने सूचना मुहैया नहीं कराई। उन्हें दिसंबर 2022 में नोटिस भेजा गया था। मई 2023 में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा में सीडीओ के सामने फिर रिकॉर्ड मुहैया न कराने का मुददा उठा। उन्होंने दिसंबर से मई तक सूचना न देने वाले अस्पतालों का रिकॉर्ड खंगालने के निर्देश दिए थे। इसमें शहर के 13 अस्पतालों और लैब के नाम सामने आए। इन्हें फिर से नोटिस जारी हुआ है।
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टीकाकरण न होने से बढ़ सकती है बीमारी
प्रसव के बाद नवजात को क्रमवार कई वैक्सीन लगती हैं। निजी अस्पतालों की ओर से टीकाकरण की सूचना न मिलने से रिकॉर्ड अधूरा रहता है। टीकाकरण न होने से भविष्य में बच्चों को गंभीर बीमारियों से ग्रसित होने की आशंका रहती है। डीआईओ डॉ. प्रशांत रंजन के मुताबिक, हर साल निजी अस्पतालों में जन्म के बाद बच्चे को वैक्सीन लगी या नहीं इसकी जानकारी देना अनिवार्य है। ताकि प्रभावी निगरानी हो सके।
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ताकि मां को मिल सके योजनाओं का लाभ
प्रधानमंत्री जननी सुरक्षा योजना, मातृत्व वंदन योजना, परिवार नियोजन आदि योजनाओं के संचालन के लिए भी निजी अस्पतालों की ओर से महिला के गर्भवती होने या प्रसव की स्थिति में जानकारी देना अनिवार्य है। तमाम प्रसूताओं और गर्भवतियों को इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। उनके एनीमिक, हेपेटाइटिस-सी से ग्रसित होने के बारे में भी पता नहीं चलता।

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दिसंबर 2022 से मई 2023 तक इन्होंने नहीं दी सूचना
1- अर्क नंबर चार एंड डॉ. कविता मैटरनिटी सेंटर
2- आशा नर्सिंग होग एंड सेमी पैथोलॉजी लैब, सिटी स्टेशन
3- बीडी जनता हॉस्पिटल, वीर सावरकर नगर
4- दीपमाला हॉस्पिटल, चौपुला चौराहा
5- देवेंद्र हॉस्पिटल, प्रभात नगर
6- कक्कड़ क्लीनिक एंड नर्सिंग होम, रामपुर गार्डन
7- खुसरो हॉस्पिटल, मिनी बाईपास
8- कृष्णा हॉस्पिटल, केला बाग
9- मदर केयर हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी सेंटर
10- परिवार सेवा क्लीनिक, सिविल लाइंस
11- प्रताप हॉस्पिटल, मिनी बाईपास
12- रीजनल हॉस्पिटल, नैनीताल रोड
13- विपिन हॉस्पिटल, मिनी बाईपास

वर्जन
सभी निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, मैटरनिटी सेंटर और स्वास्थ्य सेवा मुहैया करा रही इकाइयों को नियमित सूचनाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं। सूचना न देने वालों को नोटिस जारी कर रहे हैं। भविष्य में सूचना न देने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
- डॉ. बलवीर सिंह, सीएमओ
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