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प्रधान निदेशक तक पहुंची कैंट में म्यूटेशन की ‘फाइल’
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बरेली। कैंटोनमेंट बोर्ड में म्यूटेशन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पिछले करीब साल भर से म्यूटेशन के मामले लंबित रखने पर सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने प्रधान निदेशक से म्यूटेशन (नामांतरण) प्रक्रिया शुरू कराने के साथ ही कैंट बोर्ड के अधिकारियों पर अनदेखी और मनमानी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। बताते हैं कि संबंधित शिकायत पर प्रधान निदेशक ने अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
कैंट बोर्ड में करीब साल भर से म्यूटेशन प्रक्रिया ठप है। इसके चलते राजस्व विभाग में म्यूटेशन के आवेदनों का ढेर लगता जा रहा है। लोग कैंट कार्यालय के चक्कर लगाकर खाली लौट रहे हैं। ऐसे में निवासियों ने वार्ड सदस्यों से गुहार लगाई। अब सदस्य संयुक्त रूप से लगातार बोर्ड बैठक में म्यूटेशन का मामला उठा रहे हैं, लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। पिछले दिनों सदस्यों ने प्रधान निदेशक को पूरे मामले की जानकारी दी। साथ ही, रक्षा मंत्रालय को पत्र लिखकर समस्या के निस्तारण की मांग की। सूत्रों के मुताबिक कैंट में जनहित के कार्यों को प्राथमिकता के स्तर पर निस्तारण न किए जाने पर सीईओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। हालांकि, अधिकारी रक्षा मंत्रालय से ऐसे किसी नोटिस की जानकारी होने से इंकार कर रहे हैं। सदस्यों ने अब केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार को ज्ञापन सौंपकर समस्या दूर करने की मांग करने जा रहे हैं।
ऐसे तो कहलाएंगे अवैध निवासी
सदस्यों के मुताबिक नियमानुसार प्रॉपर्टी बेचने के बाद अगर म्यूटेशन नहीं हुआ और खरीदार अवैध निवासी कहलाएगा। इस पर कैंट एक्ट के तहत कार्रवाई किए जाने की संभावना है। वहीं, कैंट बोर्ड के राजस्व निरीक्षक विकास का कहना है कि म्यूटेशन हो रहा है लेकिन गाइडलाइन के अनुसार जिन आवेदनों में खामियां हैं, वे पेंडिंग हैं।
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कैंट बोर्ड में करीब साल भर से म्यूटेशन प्रक्रिया ठप है। इसके चलते राजस्व विभाग में म्यूटेशन के आवेदनों का ढेर लगता जा रहा है। लोग कैंट कार्यालय के चक्कर लगाकर खाली लौट रहे हैं। ऐसे में निवासियों ने वार्ड सदस्यों से गुहार लगाई। अब सदस्य संयुक्त रूप से लगातार बोर्ड बैठक में म्यूटेशन का मामला उठा रहे हैं, लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। पिछले दिनों सदस्यों ने प्रधान निदेशक को पूरे मामले की जानकारी दी। साथ ही, रक्षा मंत्रालय को पत्र लिखकर समस्या के निस्तारण की मांग की। सूत्रों के मुताबिक कैंट में जनहित के कार्यों को प्राथमिकता के स्तर पर निस्तारण न किए जाने पर सीईओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। हालांकि, अधिकारी रक्षा मंत्रालय से ऐसे किसी नोटिस की जानकारी होने से इंकार कर रहे हैं। सदस्यों ने अब केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार को ज्ञापन सौंपकर समस्या दूर करने की मांग करने जा रहे हैं।
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ऐसे तो कहलाएंगे अवैध निवासी
सदस्यों के मुताबिक नियमानुसार प्रॉपर्टी बेचने के बाद अगर म्यूटेशन नहीं हुआ और खरीदार अवैध निवासी कहलाएगा। इस पर कैंट एक्ट के तहत कार्रवाई किए जाने की संभावना है। वहीं, कैंट बोर्ड के राजस्व निरीक्षक विकास का कहना है कि म्यूटेशन हो रहा है लेकिन गाइडलाइन के अनुसार जिन आवेदनों में खामियां हैं, वे पेंडिंग हैं।
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