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बिजली उपभोक्ताओं के घरों में लगेंगे स्मार्ट मीटर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Tue, 18 Sep 2018 12:31 AM IST
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बिजली खपत की एक-एक यूनिट का हिसाब रखने के लिए बिजली उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगेंगे, जो कि एचसीएल डाटा बेस से जुडे़ होंगे। मीटर में चिप भी लगी होगी, जिसकी मदद से बिजली विभाग को उपभोक्ताओं के घरों में खपत होने वाली बिजली का लगातार फीडबैक मिलता रहेगा। जैसे ही कनेक्शन से अधिक बिजली की खपत होगी, मीटर से अलर्ट जारी होने लगेगा। तीन बार के अलर्ट के बाद कनेक्शन स्वत: बंद हो जाएगा।
बिजली विभाग के एसई एनके मिश्रा ने बताया पांच दिन पहले लखनऊ में स्मार्ट मीटर की व्यवस्था लागू हो चुकी है। अब बरेली और फैजाबाद का नंबर है। मुख्यालय से स्मार्ट मीटर लगाने के बारे में सुझाव मांगे गए थे कि किन क्षेत्र में बिजली की खपत आवश्यकता से अधिक हो रही है। मुख्यालय को किला, शाहदाना, जगतपुर और कुतुबखाना क्षेत्र का नाम सुझाया गया है।
इन चार क्षेत्रों में कनेक्शन से अधिक लोड चल रहा है, जिसे देखते हुए इनके नाम सजेस्ट किए गए हैं। स्मार्ट मीटर का एक सबसे बड़ा फायदा यह है कि रीडिंग भी जनरेट हो सकेगी। मीटर रीडिंग लेने कर्मचारी घर-घर नहीं जाएंगे। बिजली बिल जनरेट होकर उपभोक्ताओं को एसएमएस के जरिए मिल जाएंगे। उसके बाद उपभोक्ता अपने बिजली बिल का भुगतान कर सकेंगे, जिन लोगों का मोबाइल नंबर नहीं होगा उन्हें हर महीने बिजली का बिल घर पर भेजा जाएगा।
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कर्मचारी नहीं एेंठ सकेंगे रुपये
अब तक जो व्यवस्था है उसमें मीटर रीडिंग के लिए कर्मचारी घर पर जाते हैं। रीडिंग अधिक दिखाते हैं और कार्रवाई का डर दिखाकर रुपये ऐंठने का काम करते हैं। ऐसे में स्मार्ट मीटर लगने पर इन तमाम समस्याओं से राहत मिलेगी।
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बिजली विभाग के एसई एनके मिश्रा ने बताया पांच दिन पहले लखनऊ में स्मार्ट मीटर की व्यवस्था लागू हो चुकी है। अब बरेली और फैजाबाद का नंबर है। मुख्यालय से स्मार्ट मीटर लगाने के बारे में सुझाव मांगे गए थे कि किन क्षेत्र में बिजली की खपत आवश्यकता से अधिक हो रही है। मुख्यालय को किला, शाहदाना, जगतपुर और कुतुबखाना क्षेत्र का नाम सुझाया गया है।
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इन चार क्षेत्रों में कनेक्शन से अधिक लोड चल रहा है, जिसे देखते हुए इनके नाम सजेस्ट किए गए हैं। स्मार्ट मीटर का एक सबसे बड़ा फायदा यह है कि रीडिंग भी जनरेट हो सकेगी। मीटर रीडिंग लेने कर्मचारी घर-घर नहीं जाएंगे। बिजली बिल जनरेट होकर उपभोक्ताओं को एसएमएस के जरिए मिल जाएंगे। उसके बाद उपभोक्ता अपने बिजली बिल का भुगतान कर सकेंगे, जिन लोगों का मोबाइल नंबर नहीं होगा उन्हें हर महीने बिजली का बिल घर पर भेजा जाएगा।
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कर्मचारी नहीं एेंठ सकेंगे रुपये
अब तक जो व्यवस्था है उसमें मीटर रीडिंग के लिए कर्मचारी घर पर जाते हैं। रीडिंग अधिक दिखाते हैं और कार्रवाई का डर दिखाकर रुपये ऐंठने का काम करते हैं। ऐसे में स्मार्ट मीटर लगने पर इन तमाम समस्याओं से राहत मिलेगी।