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दवा के साथ बच्चों को मिलेगा फूड सप्लीमेंट
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बरेली। महिला अस्पताल के पोस्ट नेटल केयर (पीएनसी) वार्ड में भर्ती हुए बच्चों को अब दवा के साथ ही जल्द फूड सप्लीमेंट भी मिलना शुरू हो जाएगा। सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि शासनादेश के तहत कम वजन के बच्चों को फूड सप्लीमेंट देने का निर्देश है। इसके तहत बृहस्पतिवार को संबंधित डॉक्टरों से फूड सप्लीमेंट से संबंधित सूची मांगी है। उन्होंने बताया कि दवा से उनमें उभर रही बीमारियों की रोकथाम होती है, लेकिन स्वस्थ बनाने के लिए फूड सप्लीमेंट का सेवन बेहद जरूरी है। उन्होंने इस योजना के लागू होने से कम वजन के बच्चों का स्वास्थ्य जल्द सुधरने की संभावना जताई है।
स्टाफ की कमी से जूझ रहा महिला अस्पताल
बरेली। महिला अस्पताल में आगामी दिनों में मरीजों की बढ़ती तादाद को देखते हुए मैटरनिटी विंग की नई बिल्डिंग में 80 नए बेड पहुंच गए हैं। साथ ही, नर्सेज स्टाफ की भी तैनाती की कवायद शुरू कर दी गई है। सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि मार्च के आखिर से अगस्त तक महिला मरीजों की तादाद बढ़ जाती है। इसे देखते हुए पहले से ही व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। वहीं, डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की भर्ती के लिए मिशन निदेशक को पत्र लिखा गया है। उन्होंने बताया कि आंकड़ों के अनुसार, मार्च से सितंबर के बीच आम दिनों की अपेक्षा दोगुनी डिलीवरी होती है। इस बीच पांच महीने के अंतराल को डिलीवरी सीजन कहा जाता है। इसके लिए प्रशिक्षित स्टाफ की जरूरत होती है। महिला अस्पताल में डॉक्टरों समेत 16 विभिन्न पद रिक्त हैं। इसमें 6 ईएमओ, 1 चिकित्साधिकारी, 3 बाल रोग विशेषज्ञ, 3 एनेस्थेसिस्ट, 1 पैथालॉजिस्ट, 1 एक्सरे टेक्नीशियन, 1 स्त्री रोग विशेषज्ञ की जरूरत है। इसके लिए मिशन निदेशक को पत्र लिखा गया है। उन्होंने पदों पर जल्द तैनाती की संभावना जताई है।
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स्टाफ की कमी से जूझ रहा महिला अस्पताल
बरेली। महिला अस्पताल में आगामी दिनों में मरीजों की बढ़ती तादाद को देखते हुए मैटरनिटी विंग की नई बिल्डिंग में 80 नए बेड पहुंच गए हैं। साथ ही, नर्सेज स्टाफ की भी तैनाती की कवायद शुरू कर दी गई है। सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि मार्च के आखिर से अगस्त तक महिला मरीजों की तादाद बढ़ जाती है। इसे देखते हुए पहले से ही व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। वहीं, डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की भर्ती के लिए मिशन निदेशक को पत्र लिखा गया है। उन्होंने बताया कि आंकड़ों के अनुसार, मार्च से सितंबर के बीच आम दिनों की अपेक्षा दोगुनी डिलीवरी होती है। इस बीच पांच महीने के अंतराल को डिलीवरी सीजन कहा जाता है। इसके लिए प्रशिक्षित स्टाफ की जरूरत होती है। महिला अस्पताल में डॉक्टरों समेत 16 विभिन्न पद रिक्त हैं। इसमें 6 ईएमओ, 1 चिकित्साधिकारी, 3 बाल रोग विशेषज्ञ, 3 एनेस्थेसिस्ट, 1 पैथालॉजिस्ट, 1 एक्सरे टेक्नीशियन, 1 स्त्री रोग विशेषज्ञ की जरूरत है। इसके लिए मिशन निदेशक को पत्र लिखा गया है। उन्होंने पदों पर जल्द तैनाती की संभावना जताई है।
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