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विवि अब प्रोफेशनल एजेंसियों की मदद से तैयार करेगा काबिल इंजीनियर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Thu, 05 Jul 2018 12:49 AM IST
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MJP Rohilkhand university
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में इस शैक्षिक सत्र से काबिल इंजीनियरिंग बनाने और ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इंजीनियरिंग (गेट) क्वालीफाई कराने के लिए प्रोफेशनल एजेंसी का सहारा लिया जाएगा। तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता सुधार प्रोग्राम (टेकिप-3) के तहत विश्वविद्यालय दो एजेंसियों से अनुबंध करेगा। एक एजेंसी के विशेषज्ञ इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से छात्रों को तैयार करेंगे। दूसरी एजेंसी सिर्फ छात्रों को गेट क्वालीफाई कराने के लिए अलग से क्लास संचालित करेगी। चार साल के इंजीनियरिंग कोर्स में इंडस्ट्री के लिए सौ घंटे का अलग सिलेबस पढ़ाया जाएगा। ये सिलेबस विश्वविद्यालय के शिक्षक नहीं एजेंसी के विशेषज्ञ तैयार करेंगे।
बीटेक के बाद इंडस्ट्री में जॉब दिलाना लक्ष्य
तकनीकी शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए टेकिप योजना शुरू की गई है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के लिए योजना के तहत करीब 20 करोड़ की ग्रांट स्वीकृत हुई है। बेंगलूरू के बीएमएस इंजीनियरिंग कॉलेज को रुहेलखंड विश्वविद्यालय का मेंटर बनाया गया है। टेकिप के तहत देश भर के तकनीकी संस्थानों के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आठ एजेंसियां चयनित की हैं, इनमें चार एजेंसी इंडस्ट्री और चार गेट के लिए हैं। इन्हीं में दो एजेंसी की सेवाएं रुहेलखंड विश्वविद्यालय लेगा। इसका लक्ष्य है कि बीटेक के बाद छात्रों को आसानी से जॉब मिल सके। इसके तहत इंडस्ट्री के प्रोफेशनल छात्रों को वर्र्तमान समय में इंडस्ट्री की क्या जरूरत है, साक्षात्कार से लेकर किस तरह कार्य करना है, कंपनी के प्रति कैसा व्यवहार होना चाहिए, जरूरी स्किल क्या होने चाहिए आदि से संबंधित सिलेबस पढ़ाएंगे।
2022 तक गेट हो जाएगा अनिवार्य
विश्वविद्यालय का लक्ष्य है कि हर साल बीस से तीस फीसदी छात्र गेट क्वालीफाई हो। टेकिप के कोआर्डिनेटर डॉ. मनोज कुमार के 2022 तक टीईटी की तरह गेट इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य हो जाएगा। इसलिए लक्ष्य है कि इसी साल से बीस से तीस फीसदी छात्र गेट क्वालीफाई हों। गेट के लिए अलग कक्षाएं लगाई जाएंगी। छात्रों को एजेंसी के प्रोफेशनल्स पढ़ाएंगे।
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बीटेक के बाद इंडस्ट्री में जॉब दिलाना लक्ष्य
तकनीकी शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए टेकिप योजना शुरू की गई है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के लिए योजना के तहत करीब 20 करोड़ की ग्रांट स्वीकृत हुई है। बेंगलूरू के बीएमएस इंजीनियरिंग कॉलेज को रुहेलखंड विश्वविद्यालय का मेंटर बनाया गया है। टेकिप के तहत देश भर के तकनीकी संस्थानों के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आठ एजेंसियां चयनित की हैं, इनमें चार एजेंसी इंडस्ट्री और चार गेट के लिए हैं। इन्हीं में दो एजेंसी की सेवाएं रुहेलखंड विश्वविद्यालय लेगा। इसका लक्ष्य है कि बीटेक के बाद छात्रों को आसानी से जॉब मिल सके। इसके तहत इंडस्ट्री के प्रोफेशनल छात्रों को वर्र्तमान समय में इंडस्ट्री की क्या जरूरत है, साक्षात्कार से लेकर किस तरह कार्य करना है, कंपनी के प्रति कैसा व्यवहार होना चाहिए, जरूरी स्किल क्या होने चाहिए आदि से संबंधित सिलेबस पढ़ाएंगे।
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2022 तक गेट हो जाएगा अनिवार्य
विश्वविद्यालय का लक्ष्य है कि हर साल बीस से तीस फीसदी छात्र गेट क्वालीफाई हो। टेकिप के कोआर्डिनेटर डॉ. मनोज कुमार के 2022 तक टीईटी की तरह गेट इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य हो जाएगा। इसलिए लक्ष्य है कि इसी साल से बीस से तीस फीसदी छात्र गेट क्वालीफाई हों। गेट के लिए अलग कक्षाएं लगाई जाएंगी। छात्रों को एजेंसी के प्रोफेशनल्स पढ़ाएंगे।
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