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नाथनगरी एयर टर्मिनलः बाउंड्री का गेट न बन पाने से वाहनों को लगाना पड़ रहा लंबा चक्कर
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बरेली। नाथनगरी एयर टर्मिनल के लिए एयरफोर्स की बाउंड्री का गेट न बन पाने अभी निर्माण कार्य में लगे वाहनों को त्रिशूल एयरबेस के मेन गेट से होकर निकलना पड़ रहा है। इससे वाहनों को घूमकर आने में तीन से चार किलोमीटर लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है। इससे टैक्सी वे को बनाने में काफी विलंब हो रहा है। इसे देखते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों ने बाउंड्री तोड़कर वाहनों के गुजरने भर की जगह देने के लिए एयरफोर्स के अधिकारियों से बातचीत करने की कोशिश शुरू कर दी है।
हाल में रक्षा मंत्रालय ने एयरफोर्स के रनवे से एयरपोर्ट तक 195 मीटर लंबे टैक्सी वे बनाने के लिए एनओसी दे दी है। इसके बाद से टैक्सी-वे का निर्माण कार्य जोरशोर से चल रहा है। हालांकि इस काम में अभी दिक्कत यह आ रही है कि टैक्सी-वे के बीच एयरफोर्स की बाउंड्री आ रही है। इसे तोड़कर लोहे का गेट बनना है लेकिन एयरफोर्स के अधिकारियों ने अपने परिसर की सुरक्षा के लिहाज से बाउंड्री तोड़ने पर रोक लगा दी है। इससे एयरफोर्स की जगह पर बन रहे टैक्सी-वे निर्माण में लगे वाहनों को त्रिशूल एयरबेस के मेन गेट से होकर वापस एयरपोर्ट की बाउंड्री तक आना पड़ रहा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों का कहना है कि बाउंड्री न टूटने से वाहनों ो तीन से चार किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ रहा है। जबकि हवाई अड्डे को जल्द शुरू करने का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इस दिक्कत के समाधान के लिए एयरफोर्स के अफसरों से इसे लेकर बातचीत शुरू की है कि अभी 56 मीटर की जगह बांउड्री तोड़कर उतनी जगह दे दी जाए, ताकि वहां से वाहनों का आना-जाना शुरू हो सके।
टैक्सी-वे के निर्माण में लगे वाहन आसानी से कार्य स्थल पर पहुंच सके, इसके लिए एयरफोर्स के अधिकारियों से बाउंड्री तोड़कर उतनी जगह मांगी जा रही है, जिससे वाहन आसानी से गुजर सके। अभी वाहनों का काफी लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। - राजीव कुलश्रेष्ठ, संयुक्त महाप्रबंधक, एयरपोर्ट अथॉरिटी
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हाल में रक्षा मंत्रालय ने एयरफोर्स के रनवे से एयरपोर्ट तक 195 मीटर लंबे टैक्सी वे बनाने के लिए एनओसी दे दी है। इसके बाद से टैक्सी-वे का निर्माण कार्य जोरशोर से चल रहा है। हालांकि इस काम में अभी दिक्कत यह आ रही है कि टैक्सी-वे के बीच एयरफोर्स की बाउंड्री आ रही है। इसे तोड़कर लोहे का गेट बनना है लेकिन एयरफोर्स के अधिकारियों ने अपने परिसर की सुरक्षा के लिहाज से बाउंड्री तोड़ने पर रोक लगा दी है। इससे एयरफोर्स की जगह पर बन रहे टैक्सी-वे निर्माण में लगे वाहनों को त्रिशूल एयरबेस के मेन गेट से होकर वापस एयरपोर्ट की बाउंड्री तक आना पड़ रहा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों का कहना है कि बाउंड्री न टूटने से वाहनों ो तीन से चार किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ रहा है। जबकि हवाई अड्डे को जल्द शुरू करने का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इस दिक्कत के समाधान के लिए एयरफोर्स के अफसरों से इसे लेकर बातचीत शुरू की है कि अभी 56 मीटर की जगह बांउड्री तोड़कर उतनी जगह दे दी जाए, ताकि वहां से वाहनों का आना-जाना शुरू हो सके।
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टैक्सी-वे के निर्माण में लगे वाहन आसानी से कार्य स्थल पर पहुंच सके, इसके लिए एयरफोर्स के अधिकारियों से बाउंड्री तोड़कर उतनी जगह मांगी जा रही है, जिससे वाहन आसानी से गुजर सके। अभी वाहनों का काफी लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। - राजीव कुलश्रेष्ठ, संयुक्त महाप्रबंधक, एयरपोर्ट अथॉरिटी
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