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दो सौ बीघा फसल जलमग्न
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 29 Dec 2015 11:16 PM IST
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कादिरपुर गांव के पास सोमवार देर रात सलेमपुर माइनर कट गई। मंगलवार भोर जब ग्रामीणों को नहर कटने का पता चला तब तक लगभग दो सौ बीघा फसल डूब गई। ग्रामीणों ने मिलकर नहर की कटान दुरुस्त कर दी। मगर सरसों, गेहूं व आलू की फसल में पानी भरने से किसानों को जबरदस्त नुकसान हुआ है।
जहांगीराबाद क्षेत्र में कादिरपुर गांव के पास सोमवार देर रात सलेमपुर माइनर करीब तीन फीट कट गई। इससे कटान के स्थान के आसपास करीब दस बीघा फसल सिल्ट से पट गई और करीब दो सौ बीघा सरसों, गेहूं व आलू की फसल जलमग्न हो गई।
मंगलवार भोर ग्रामीणों को पता चला तो उन्होंने मिलकर माइनर की पटाई कर दी। कादिरपुर गांव के अवधराम, लक्ष्मी नारायण, पूनम, सुनीता, रामप्रताप, रामलखन, रामविलाश, ओमप्रकाश, ननकू, शीतल प्रकाश आदि ने बताया कि माइनर पटरी पर चूहे के बिल से दो दिन से पानी का रिसाव हो रहा था। जिससे सोमवार देर रात माइनर कट गई।
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ग्रामीणों का कहना है कि माइनर की सफाई जेसीबी से करा तो दी गई लेकिन पटरियों को दुरुस्त नहीं किया गया। जिससे माइनर की पटरियां कई स्थान पर कमजोर हो गई हैं। इन दिनों माइनर लबालब होने के चलते इसकी कमजोर पटरी चूहे के बिल के पास से कट गई। मामले मेें ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग को सूचना नहीं दी है।
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जहांगीराबाद क्षेत्र में कादिरपुर गांव के पास सोमवार देर रात सलेमपुर माइनर करीब तीन फीट कट गई। इससे कटान के स्थान के आसपास करीब दस बीघा फसल सिल्ट से पट गई और करीब दो सौ बीघा सरसों, गेहूं व आलू की फसल जलमग्न हो गई।
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मंगलवार भोर ग्रामीणों को पता चला तो उन्होंने मिलकर माइनर की पटाई कर दी। कादिरपुर गांव के अवधराम, लक्ष्मी नारायण, पूनम, सुनीता, रामप्रताप, रामलखन, रामविलाश, ओमप्रकाश, ननकू, शीतल प्रकाश आदि ने बताया कि माइनर पटरी पर चूहे के बिल से दो दिन से पानी का रिसाव हो रहा था। जिससे सोमवार देर रात माइनर कट गई।
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ग्रामीणों का कहना है कि माइनर की सफाई जेसीबी से करा तो दी गई लेकिन पटरियों को दुरुस्त नहीं किया गया। जिससे माइनर की पटरियां कई स्थान पर कमजोर हो गई हैं। इन दिनों माइनर लबालब होने के चलते इसकी कमजोर पटरी चूहे के बिल के पास से कट गई। मामले मेें ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग को सूचना नहीं दी है।