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Barabanki News: तालाब का पानी पीने से दो पशुओं की संदिग्ध मौत, तीन बीमार
Wed, 10 Jun 2026 12:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 10 Jun 2026 12:45 AM IST
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बाराबंकी। दरियाबाद थाना क्षेत्र के पुरेनांनहु गांव में तालाब का पानी पीने के बाद दो पशुओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वहीं, तीन अन्य पशु बीमार पड़ गए हैं। इस घटना से पशुपालकों में दहशत है।
गांव निवासी जयश्याम की चार भैंसें और एक पड़वा गांव के बाहर घास चर रहे थे। प्यास लगने पर वे पास के तालाब में पानी पीने लगे। ग्रामीणों के अनुसार, पानी पीने के कुछ ही देर में एक भैंस और एक पड़वा की मौत हो गई। तीन अन्य भैंसें बीमार पड़ गईं। बीमार पशुओं का इलाज एक निजी चिकित्सक से कराया जा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मृत पशुओं का पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, तालाब में सिंघाड़ा की नर्सरी करने वाले की ओर से कोई विषाक्त पदार्थ डाले जाने की बात कही जा रही है।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विनोद कुमार यादव का कहना है कि घटना की जानकारी होते ही राजकीय पशु चिकित्सालय कोटवाधाम के डाॅ. विकास मौके पर गए। उन्होंने तालाब के पानी का नमूना जांच के लिए लिया है। पोस्ट मार्टम संबंधी अभिलेखीय कार्रवाई पूरा कर शवों का पोस्ट मार्टम पशु स्वामी की सहमति पर कराया जाएगा।
पशु पालकों को सुझाव
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि तेज धूप व गर्मी में असिंचित भूमि में लगे कुछ चारे वाले पौधे जहरीले हो जाते हैं। इसलिए सिंचित भूमि का ही चारा पशुओं को खिलाना चाहिए। देसी चरी भी नियमित सिंचाई न होने से जहरीली हो जाती है। इसलिए देसी चरी यदि लगी है तो नियमित सिंचाई करके ही पशु को खिलाएं।
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गांव निवासी जयश्याम की चार भैंसें और एक पड़वा गांव के बाहर घास चर रहे थे। प्यास लगने पर वे पास के तालाब में पानी पीने लगे। ग्रामीणों के अनुसार, पानी पीने के कुछ ही देर में एक भैंस और एक पड़वा की मौत हो गई। तीन अन्य भैंसें बीमार पड़ गईं। बीमार पशुओं का इलाज एक निजी चिकित्सक से कराया जा रहा है।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से मृत पशुओं का पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, तालाब में सिंघाड़ा की नर्सरी करने वाले की ओर से कोई विषाक्त पदार्थ डाले जाने की बात कही जा रही है।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विनोद कुमार यादव का कहना है कि घटना की जानकारी होते ही राजकीय पशु चिकित्सालय कोटवाधाम के डाॅ. विकास मौके पर गए। उन्होंने तालाब के पानी का नमूना जांच के लिए लिया है। पोस्ट मार्टम संबंधी अभिलेखीय कार्रवाई पूरा कर शवों का पोस्ट मार्टम पशु स्वामी की सहमति पर कराया जाएगा।
पशु पालकों को सुझाव
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि तेज धूप व गर्मी में असिंचित भूमि में लगे कुछ चारे वाले पौधे जहरीले हो जाते हैं। इसलिए सिंचित भूमि का ही चारा पशुओं को खिलाना चाहिए। देसी चरी भी नियमित सिंचाई न होने से जहरीली हो जाती है। इसलिए देसी चरी यदि लगी है तो नियमित सिंचाई करके ही पशु को खिलाएं।