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Barabanki News: नगर के पोखरा की नीलामी पर छिड़ा घमासान
Wed, 09 Sep 2026 01:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 09 Sep 2026 01:32 AM IST
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जैदपुर। नगर पंचायत का बड़ा तालाब अचानक सियासत के केंद्र में आ गया है। 27 अगस्त 2026 को जारी फरमान ने कस्बे में सियासी हलचल मचा दी है। इसके तहत पोखरे को सीधे 10 साल के लिए नीलाम करने की तैयारी है। नौ सितंबर 2026 को इसकी खुली बोली लगनी है लेकिन 10 साल की समयावधि को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि और नागरिकों में नाराजगी है।
विरोध की सबसे बड़ी वजह परंपरा और कायदे-कानूनों की अनदेखी बताई जा रही है। दशकों से चले आ रहे नियम के मुताबिक तालाब की नीलामी केवल पांच वर्ष की अवधि के लिए ही होती रही है। शिकायती पत्र में साफ कहा गया है कि पुरानी परंपरा को दरकिनार कर और बिना स्थानीय बोर्ड की सहमति लिए अफसरों ने मनमाने ढंग से ठेके की अवधि दोगुनी कर दी है। जनप्रतिनिधियों को अंधेरे में रखकर 10 साल के लिए पोखरा सौंपना सरासर नियम विरुद्ध और अनुचित है।
इस मनमानी के खिलाफ सभासद आलम और स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी नवाबगंज को पत्र भेजकर मांग की है कि इस अवैध प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने के साथ ही बोर्ड की अनुमति से ही नियमानुसार पांच साल के लिए ही पारदर्शी नीलामी संपन्न कराई जाए।
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विरोध की सबसे बड़ी वजह परंपरा और कायदे-कानूनों की अनदेखी बताई जा रही है। दशकों से चले आ रहे नियम के मुताबिक तालाब की नीलामी केवल पांच वर्ष की अवधि के लिए ही होती रही है। शिकायती पत्र में साफ कहा गया है कि पुरानी परंपरा को दरकिनार कर और बिना स्थानीय बोर्ड की सहमति लिए अफसरों ने मनमाने ढंग से ठेके की अवधि दोगुनी कर दी है। जनप्रतिनिधियों को अंधेरे में रखकर 10 साल के लिए पोखरा सौंपना सरासर नियम विरुद्ध और अनुचित है।
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इस मनमानी के खिलाफ सभासद आलम और स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी नवाबगंज को पत्र भेजकर मांग की है कि इस अवैध प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने के साथ ही बोर्ड की अनुमति से ही नियमानुसार पांच साल के लिए ही पारदर्शी नीलामी संपन्न कराई जाए।
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