{"_id":"5a26dea74f1c1b60678bf756","slug":"farmers-agitation-over-increased-electric-rates","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली की बढ़ी दरों से उग्र किसानों का हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली की बढ़ी दरों से उग्र किसानों का हंगामा
बाराबंकी
Updated Tue, 05 Dec 2017 11:30 PM IST
विज्ञापन
बिजली की बड़ी दरों के विरोध में मंगलवार को शहर में रैली निकालकर प्रदर्शन करते भाकियू के प्रांतीय महासचिव मुकेश सिंह व कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार द्वारा निजी नलकूप व ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू बिजली की दरों में की गई बढ़ोत्तरी से किसानों में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। मंगलवार को आक्रोशित किसान सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन करते हुए एसपी व डीएम कार्यालय पर जमकर हंगामा और नारेबाजी की। किसानों ने सात सूत्री मांग पत्र मुख्यमंत्री को भेजकर बढ़ी दरों को वापस लिए जाने की मांग की। एक जनवरी तक सुनवाई न हुई तो किसानों ने खंभा हटाओ, खेत बचाओ आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
मंगलवार को छाया चौराहा स्थित भाकियू कार्यालय पर भारी संख्या में किसान एकत्र हुए। भाकियू के प्रांतीय महासचिव मुकेश सिंह के नेतृत्व में किसान बिजली के दाम कम करने को लेकर विरोध प्रदर्शन करते सड़क पर उतर आए।
सरकार के खिलाफ किसान विरोधी नारेबाजी करते हुए आक्रोशित किसान सबसे पहले पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे यहां पर जिलाध्यक्ष अनिल वर्मा के घर ही चोरी व क्षेत्र में अन्य चोरियों का खुलासा किए जाने का ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन
उसके बाद किसानों भीड़ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची। यहां पर किसानों ने धरना देते हुए नारेबाजी करना शुरू कर दिया। धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता मुकेश सिंह ने कहा कि बिजली के दामों में अचानक की गई 50 से 150 प्रतिशत वृद्घि होने से किसानों व मजदूरों की कमर टूट जाएगी। जिसे किसान कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
किसानों ने बिजली विभाग द्वारा घोषित नई दरों को वापस लिए जाने, एनजीटी के पुराने वाहनों से ट्रैक्टर को मुक्त किए जाने, सभी फसलों का समर्थन मूल्य लागू किए जाने, कम दामों पर कृषि उत्पाद खरीदने को अपराध माने जाने, किसानों को आवारा पशुओं से निजात दिलाए जाने समेत सात सूत्री मांगों का मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
मुकेश सिंह ने बताया कि 15 दिसंबर को सभी तहसीलों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। जिसके कारण रक्तदान का कार्यक्रम 14 दिसंबर को कराया जाएगा। एक जनवरी तक बढ़े दाम वापस न लिए गए तो किसान खेतों से तार व खंभे उखाड़ना शुरू करेंगे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अनिल वर्मा, हौसिला प्रसाद, सतीश वर्मा रिंकू आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मंगलवार को छाया चौराहा स्थित भाकियू कार्यालय पर भारी संख्या में किसान एकत्र हुए। भाकियू के प्रांतीय महासचिव मुकेश सिंह के नेतृत्व में किसान बिजली के दाम कम करने को लेकर विरोध प्रदर्शन करते सड़क पर उतर आए।
विज्ञापन
सरकार के खिलाफ किसान विरोधी नारेबाजी करते हुए आक्रोशित किसान सबसे पहले पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे यहां पर जिलाध्यक्ष अनिल वर्मा के घर ही चोरी व क्षेत्र में अन्य चोरियों का खुलासा किए जाने का ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन
उसके बाद किसानों भीड़ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची। यहां पर किसानों ने धरना देते हुए नारेबाजी करना शुरू कर दिया। धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता मुकेश सिंह ने कहा कि बिजली के दामों में अचानक की गई 50 से 150 प्रतिशत वृद्घि होने से किसानों व मजदूरों की कमर टूट जाएगी। जिसे किसान कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
किसानों ने बिजली विभाग द्वारा घोषित नई दरों को वापस लिए जाने, एनजीटी के पुराने वाहनों से ट्रैक्टर को मुक्त किए जाने, सभी फसलों का समर्थन मूल्य लागू किए जाने, कम दामों पर कृषि उत्पाद खरीदने को अपराध माने जाने, किसानों को आवारा पशुओं से निजात दिलाए जाने समेत सात सूत्री मांगों का मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
मुकेश सिंह ने बताया कि 15 दिसंबर को सभी तहसीलों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। जिसके कारण रक्तदान का कार्यक्रम 14 दिसंबर को कराया जाएगा। एक जनवरी तक बढ़े दाम वापस न लिए गए तो किसान खेतों से तार व खंभे उखाड़ना शुरू करेंगे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अनिल वर्मा, हौसिला प्रसाद, सतीश वर्मा रिंकू आदि मौजूद रहे।