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Barabanki News: चार्जिग स्टेशन बिना धूल खा रही करोड़ों की इलेक्ट्रिक बसें
Sat, 14 Jun 2025 01:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 14 Jun 2025 01:03 AM IST
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बाराबंकी। बजट न मिलने से स्मार्ट परिवहन व्यवस्था को अमल में लाने में अड़ंगा लग गया है। इससे करोड़ों की लागत से खरीदी गई सात इलेक्ट्रिक बसें चार्जिंग स्टेशन न बन पाने से खड़ी धूल खा रही हैं। इन 20 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन जिले से लखनऊ व अयोध्या तक होना था। इन बसों के लिए नए बस स्टेशन परिसर में प्रस्तावित चार्जिंग स्टेशन का निर्माण अभी तक शुरू नहीं हो सका है।
हालांकि इसके लिए चार्जिंग मशीनें आ चुकी हैं, जो वर्तमान में टिन शेड के नीचे रखी हैं। चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी, यातायात, वन, एनएचएआई और बिजली विभाग से एनओसी मिलने के साथ ही चार्जिंग स्थल का चयन भी हो चुका है। इसके बावजूद चार्जिंग स्टेशन के निर्माण के लिए बजट राशि स्वीकृत नहीं हो पाई है। परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पॉवर कॉरपोरेशन की टीम ने निरीक्षण कर चार्जिंग स्टेशन के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये का स्टीमेट तैयार किया था। लेकिन अभी तक शासन स्तर से इसकी स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
एआरएम जमीला खातून ने बताया कि परिवहन विभाग की ओर से 1800 केवीए बिजली कनेक्शन की मांग की गई है। चार्जिंग सेंटर बस स्टेशन परिसर के अंदर कार्यशाला में ही बनना है। इसके लिए विभाग द्वारा उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर बजट राशि स्वीकृत करने मांग की गई है। बजट राशि मिलते ही इसे बिजली विभाग चार्जिंग स्टेशन निर्माण के लिए जारी किया जाएगा।
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अस्थायी पंजीकरण की प्रक्रिया भी अधूरी
चार्जिंग स्टेशन की तरह बसों का अस्थायी रजिस्ट्रेशन भी अभी लंबित है। इसके लिए लखनऊ आरएम कार्यालय से प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिसके बाद इनका पंजीयन एआरटीओ कार्यालय में होगा। चार्जिंग स्टेशन बनने व इन बसों का संचालन शुरू होने के बाद बाराबंकी से लखनऊ और अयोध्या के बीच यात्रियों का सफर सुहाना व सुविधायुक्त हो जाएगा।
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हालांकि इसके लिए चार्जिंग मशीनें आ चुकी हैं, जो वर्तमान में टिन शेड के नीचे रखी हैं। चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी, यातायात, वन, एनएचएआई और बिजली विभाग से एनओसी मिलने के साथ ही चार्जिंग स्थल का चयन भी हो चुका है। इसके बावजूद चार्जिंग स्टेशन के निर्माण के लिए बजट राशि स्वीकृत नहीं हो पाई है। परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पॉवर कॉरपोरेशन की टीम ने निरीक्षण कर चार्जिंग स्टेशन के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये का स्टीमेट तैयार किया था। लेकिन अभी तक शासन स्तर से इसकी स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
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एआरएम जमीला खातून ने बताया कि परिवहन विभाग की ओर से 1800 केवीए बिजली कनेक्शन की मांग की गई है। चार्जिंग सेंटर बस स्टेशन परिसर के अंदर कार्यशाला में ही बनना है। इसके लिए विभाग द्वारा उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर बजट राशि स्वीकृत करने मांग की गई है। बजट राशि मिलते ही इसे बिजली विभाग चार्जिंग स्टेशन निर्माण के लिए जारी किया जाएगा।
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अस्थायी पंजीकरण की प्रक्रिया भी अधूरी
चार्जिंग स्टेशन की तरह बसों का अस्थायी रजिस्ट्रेशन भी अभी लंबित है। इसके लिए लखनऊ आरएम कार्यालय से प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिसके बाद इनका पंजीयन एआरटीओ कार्यालय में होगा। चार्जिंग स्टेशन बनने व इन बसों का संचालन शुरू होने के बाद बाराबंकी से लखनऊ और अयोध्या के बीच यात्रियों का सफर सुहाना व सुविधायुक्त हो जाएगा।