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Barabanki News: लोकतंत्र सेनानी का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
Mon, 28 Sep 2026 02:40 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 28 Sep 2026 02:40 AM IST
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लोकतंत्र सेनानी । फाइल फोटो
रामनगर। लोकतंत्र की बहाली के लिए आपातकाल के दौरान जेल जाने वाले लोकतंत्र सेनानी केदारनाथ अवस्थी का शनिवार को 78 वर्ष की आयु में निधन हो गया। रविवार को उनके पैतृक गांव मधवा जलालपुर में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। जेष्ठ पुत्र राजमन अवस्थी ने उन्हें मुखाग्नि दी।
नायब तहसीलदार सैयद हैदर तहजीब की मौजूदगी में यूपी पुलिस के जवानों ने शस्त्र झुकाकर उन्हें अंतिम सलामी दी। तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर देख परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। अंतिम यात्रा में उमड़े जनसैलाब ने पुष्पवर्षा कर अपने जननायक को भावभीनी विदाई दी।
केदारनाथ अवस्थी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही जूनियर हाईस्कूल बनर्की से प्राप्त की थी। 1975 में जब देश पर आपातकाल थोपा गया, तब उन्होंने मुखर होकर इसका विरोध किया था। लोकतंत्र की रक्षा के इस आंदोलन के कारण उन्हें नौ दिसंबर 1975 को फतेहपुर जेल में बंद कर दिया गया था।
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यातनाएं सहने के बाद भी वे अपने सिद्धांतों पर अटल रहे। क्षेत्र के लोग उन्हें लोकतंत्र के सजग प्रहरी के रूप में हमेशा याद रखेंगे।
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नायब तहसीलदार सैयद हैदर तहजीब की मौजूदगी में यूपी पुलिस के जवानों ने शस्त्र झुकाकर उन्हें अंतिम सलामी दी। तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर देख परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। अंतिम यात्रा में उमड़े जनसैलाब ने पुष्पवर्षा कर अपने जननायक को भावभीनी विदाई दी।
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केदारनाथ अवस्थी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही जूनियर हाईस्कूल बनर्की से प्राप्त की थी। 1975 में जब देश पर आपातकाल थोपा गया, तब उन्होंने मुखर होकर इसका विरोध किया था। लोकतंत्र की रक्षा के इस आंदोलन के कारण उन्हें नौ दिसंबर 1975 को फतेहपुर जेल में बंद कर दिया गया था।
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यातनाएं सहने के बाद भी वे अपने सिद्धांतों पर अटल रहे। क्षेत्र के लोग उन्हें लोकतंत्र के सजग प्रहरी के रूप में हमेशा याद रखेंगे।