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अगैती धान का नहीं मिल रहा वाजिब दाम
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2015 11:44 PM IST
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सरकारी धान खरीद शुरू न होने की वजह से अगैती धान की बोआई करने वाले किसान अपना धान व्यापारियों के हाथों औने-पौने दाम पर बेच रहे हैं। जबकि सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 1450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित कर रखा है लेकिन व्यापारी किसानों से एक हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रहे हैं।
किसानों की मानेें तो आलू और अन्य फसलों की बोआई करने के लिए पैसे की जरूरत है, इसी वजह से वो मजबूरी में कम दामों पर धान बेच रहे हैं।
जिले में इस वर्ष करीब एक लाख 65 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की बोआई की गई है। इसमें जिन किसानों ने अगैती धान की बोआई की थी उसमें से करीब 35 से 40 प्रतिशत धान तैयार हो गया है और फसल काटकर किसान उसे घर भी ले आए हैं। मगर सरकारी धान खरीद न शुरू होने से इन किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
व्यापारियों के हाथों औने-पौने दामों पर धान बेचना किसानों की मजबूरी बन गई है। क्योंकि खेत खाली होने के बाद किसान आलू की बोआई की तैयारी में जुटे हैं। इसके लिए किसानों को पैसे की जरूरत है। धान की बिक्री न होने की वजह से कई किसान तो उधारी तक लेने लगे हैं। लेकिन व्यापारी घोषित समर्थन मूल्य से करीब 450 रुपये प्रति क्विंटल कम की दर से धान खरीद रहे हैं। इससे किसानों को खासा नुकसान सहना पड़ रहा है।
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किसानों की मानेें तो आलू और अन्य फसलों की बोआई करने के लिए पैसे की जरूरत है, इसी वजह से वो मजबूरी में कम दामों पर धान बेच रहे हैं।
जिले में इस वर्ष करीब एक लाख 65 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की बोआई की गई है। इसमें जिन किसानों ने अगैती धान की बोआई की थी उसमें से करीब 35 से 40 प्रतिशत धान तैयार हो गया है और फसल काटकर किसान उसे घर भी ले आए हैं। मगर सरकारी धान खरीद न शुरू होने से इन किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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व्यापारियों के हाथों औने-पौने दामों पर धान बेचना किसानों की मजबूरी बन गई है। क्योंकि खेत खाली होने के बाद किसान आलू की बोआई की तैयारी में जुटे हैं। इसके लिए किसानों को पैसे की जरूरत है। धान की बिक्री न होने की वजह से कई किसान तो उधारी तक लेने लगे हैं। लेकिन व्यापारी घोषित समर्थन मूल्य से करीब 450 रुपये प्रति क्विंटल कम की दर से धान खरीद रहे हैं। इससे किसानों को खासा नुकसान सहना पड़ रहा है।
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