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दवा खरीद की कई फाइलों को चूहों ने कुतरा
Updated Thu, 21 Sep 2017 11:31 PM IST
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दवा खरीद की कई फाइलों को चूहों ने कुतरा
बाराबंकी। सीएमओ कार्यालय में फाइलों के रख रखाव जर्जर हालात में मिले। एनआरएचएम के तहत वर्ष 2010-11 में दवा खरीद की फाइलें सीबीआई ने मांगी तो उसमें से कई फाइलें चूहों द्वारा कुतरी मिली। कर्मचारी फाइलों की सफाई कर रिकार्ड जुटाते रहे। हालांकि गुरुवार को किसी भी एएनएम व फार्मासिस्टों के बयान नहीं दर्ज किए गए।
सीएमओ कार्यालय में इंवेस्टीकेशन के दौरान छठें दिन सीबीआई आफीसर गौरव सोम द्वारा दवा खरीद के लिए भेजे गए प्रस्ताव, कंपनियों के कोटेशन, आपूर्ति व सीएचसी पीएचसी पर भेजी गई दवाओं से जुड़ी फाइलें मांगी गई। पूरा दिन कर्मचारी अलमारियों से फाइलें निकालकर क्रमबद्ध तरीके से लगाकर अधिकारी के सामने पेश करते रहे। सात से अलमारी में बंद कई फाइलों को चूहों ने कुतर डाला। कई फाइलों के दस्तावेज सीलन के कारण अपठनीय स्थित में पाए गए। कर्मचारियों से फाइलों से जुड़ी जानकारी पूछी गई पर इस बारे में बताने से साफ मना कर दिया। सिर्फ इतना बताया कि फाइलें इतनी पुरानी हैं कुछ तो चूहे कुतरेंगे ही। सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को बयान दर्ज करने के लिए किसी को नहीं बुलाया गया था। कुछ महत्वपूर्ण कागजातों की फोटो कॉपी कराकर सीबीआई अधिकारी अपने साथ ले गए हैं। दवा खरीद घोटाले के संदिग्ध अधिकारियों की हालत पतली दिखाई दी। फाइलों की जांच के बाद सीबीआई अधिकारी के रवैये को भांपने के लिए अधिकारी व कर्मचारी अंदर बाहर के चक्कर काटते रहे।
सीएमओ डॉ. रमेश चंद्र का कहना है कि, दवा खरीद से जुड़ी फाइलों व रेकार्ड की जांच सीबीआई ने की है। आज किसी को बयान दर्ज कराने के लिए नहीं बुलाया था। कुछ कागजातों की फोटो कॉपी अपने साथ लेकर गए हैं।
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बाराबंकी। सीएमओ कार्यालय में फाइलों के रख रखाव जर्जर हालात में मिले। एनआरएचएम के तहत वर्ष 2010-11 में दवा खरीद की फाइलें सीबीआई ने मांगी तो उसमें से कई फाइलें चूहों द्वारा कुतरी मिली। कर्मचारी फाइलों की सफाई कर रिकार्ड जुटाते रहे। हालांकि गुरुवार को किसी भी एएनएम व फार्मासिस्टों के बयान नहीं दर्ज किए गए।
सीएमओ कार्यालय में इंवेस्टीकेशन के दौरान छठें दिन सीबीआई आफीसर गौरव सोम द्वारा दवा खरीद के लिए भेजे गए प्रस्ताव, कंपनियों के कोटेशन, आपूर्ति व सीएचसी पीएचसी पर भेजी गई दवाओं से जुड़ी फाइलें मांगी गई। पूरा दिन कर्मचारी अलमारियों से फाइलें निकालकर क्रमबद्ध तरीके से लगाकर अधिकारी के सामने पेश करते रहे। सात से अलमारी में बंद कई फाइलों को चूहों ने कुतर डाला। कई फाइलों के दस्तावेज सीलन के कारण अपठनीय स्थित में पाए गए। कर्मचारियों से फाइलों से जुड़ी जानकारी पूछी गई पर इस बारे में बताने से साफ मना कर दिया। सिर्फ इतना बताया कि फाइलें इतनी पुरानी हैं कुछ तो चूहे कुतरेंगे ही। सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को बयान दर्ज करने के लिए किसी को नहीं बुलाया गया था। कुछ महत्वपूर्ण कागजातों की फोटो कॉपी कराकर सीबीआई अधिकारी अपने साथ ले गए हैं। दवा खरीद घोटाले के संदिग्ध अधिकारियों की हालत पतली दिखाई दी। फाइलों की जांच के बाद सीबीआई अधिकारी के रवैये को भांपने के लिए अधिकारी व कर्मचारी अंदर बाहर के चक्कर काटते रहे।
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सीएमओ डॉ. रमेश चंद्र का कहना है कि, दवा खरीद से जुड़ी फाइलों व रेकार्ड की जांच सीबीआई ने की है। आज किसी को बयान दर्ज कराने के लिए नहीं बुलाया था। कुछ कागजातों की फोटो कॉपी अपने साथ लेकर गए हैं।
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