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Banda News: आईसीएआर कर्मचारियों की भांति हमें भी मिलें सुविधाएं
Wed, 24 Sep 2025 12:46 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 24 Sep 2025 12:46 AM IST
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बांदा। कृषि विज्ञान केंद्र में वैज्ञानिकों व कर्मचारियों ने मंगलवार को एक दिवसीय हड़ताल की और धरना दिया। कहा कि आईसीएआर के कर्मचारियों की तरह उन्हें भी सुविधाएं दी जाएं।
कृषि विज्ञान केंद्र अध्यक्ष डॉ.श्याम सिंह की अगुवाई में धरने पर बैठे वैज्ञानिकों व कर्मचारियों ने भेदभाव पर रोष जताया। कृषि विज्ञान केंद्र ने कई सराहनीय कार्य किए हैं। आईसीएआर से शत-प्रतिशत वित्त पोषित कृषि विज्ञान केंद्र राज्य कृषि विश्वविद्यालयों, एनजीओ राज्य सरकारों व आईसीएआर के प्रशाासनिक नियंत्रण में स्थापित किए जाते हैं। मेजबान संस्था अलग होने के कारण केवीके के कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं में भिन्नता है। यह भिन्नता पिछले 3-4 वर्षों से बढ़ती जा रही है। राज्य कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित केवीके के कर्मचारियों को चिकित्सा पदोन्नति व एनपीएस जैसे लाभों से भी वंचित किया जा रहा है। इन विसंगतियों को दूर करने की लगातार मांग की जा रही है। तीन दशक से कार्यरत वैज्ञानिकों-कर्मचारियों को मिल चुके पदोन्नति को निरस्त कर उनके वेतन में कटौती भी की गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के कृषि मंत्रियों व आईसीएआर से इस संबंध में अनुरोध किया है। वैज्ञानिकों न एक केवीके-एक नीति के क्रियान्वयन, सभी स्वीकृत भत्तों को शामिल करने व पदोन्नति लाभ आदि की मांग की।
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कृषि विज्ञान केंद्र अध्यक्ष डॉ.श्याम सिंह की अगुवाई में धरने पर बैठे वैज्ञानिकों व कर्मचारियों ने भेदभाव पर रोष जताया। कृषि विज्ञान केंद्र ने कई सराहनीय कार्य किए हैं। आईसीएआर से शत-प्रतिशत वित्त पोषित कृषि विज्ञान केंद्र राज्य कृषि विश्वविद्यालयों, एनजीओ राज्य सरकारों व आईसीएआर के प्रशाासनिक नियंत्रण में स्थापित किए जाते हैं। मेजबान संस्था अलग होने के कारण केवीके के कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं में भिन्नता है। यह भिन्नता पिछले 3-4 वर्षों से बढ़ती जा रही है। राज्य कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित केवीके के कर्मचारियों को चिकित्सा पदोन्नति व एनपीएस जैसे लाभों से भी वंचित किया जा रहा है। इन विसंगतियों को दूर करने की लगातार मांग की जा रही है। तीन दशक से कार्यरत वैज्ञानिकों-कर्मचारियों को मिल चुके पदोन्नति को निरस्त कर उनके वेतन में कटौती भी की गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के कृषि मंत्रियों व आईसीएआर से इस संबंध में अनुरोध किया है। वैज्ञानिकों न एक केवीके-एक नीति के क्रियान्वयन, सभी स्वीकृत भत्तों को शामिल करने व पदोन्नति लाभ आदि की मांग की।
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