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Banda News: जीपीएफ फर्जीवाड़े की जांच तेज, एडी कार्यालय में जांच टीम का डेरा
Wed, 16 Sep 2026 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 16 Sep 2026 12:10 AM IST
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बांदा। स्वास्थ्य विभाग में जीपीएफ खातों में फर्जीवाड़े की जांच तेज हो गई है। प्रयागराज से आई जांच टीम ने सोमवार को अपर निदेशक स्वास्थ्य कार्यालय पहुंचकर अभिलेख खंगाले थे।
मंगलवार को भी टीम ने कार्यालय में डेरा डाले रखा और रिकॉर्ड में दर्ज विवरण का मिलान कर रिपोर्ट तैयार की। प्रयागराज लेखा विभाग की जांच में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिंदवारी में तैनात नेत्र रोग विशेषज्ञ देवेंद्र कुमार के जीपीएफ खाते से 70 लाख रुपये से अधिक का ऋण लिए जाने का मामला सामने आया था।
जांच में पाया गया कि खाते में इतनी धनराशि जमा ही नहीं थी। इसी तरह से महोबा स्वास्थ्य विभाग में तैनात लिपिक संतोष कुमार वर्मा पर करीब 85 लाख रुपये के गबन का आरोप भी सामने आया।
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आरोप है कि जीपीएफ खातों में हेरफेर कर रकम निकाली गई। जांच टीम ने इससे पहले सेवा पुस्तिका, जीपीएफ से संबंधित अभिलेख, पासबुक और अन्य रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा था। मंगलवार को टीम ने कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों की पड़ताल की। रिकॉर्ड में दर्ज विवरण का संबंधित अभिलेखों से मिलान किया गया।
टीम मामले से जुड़े आरोपियों के बयान पहले ही दर्ज कर चुकी है। जांच टीम अलग-अलग रिकॉर्ड का मिलान कर गड़बड़ी की पूरी स्थिति स्पष्ट करने में जुटी है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के जनपदीय कार्यालयों में होने वाली पड़ताल के बाद रिपोर्ट में और तथ्य सामने आने की उम्मीद है। जांच टीम अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेगी।
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मंगलवार को भी टीम ने कार्यालय में डेरा डाले रखा और रिकॉर्ड में दर्ज विवरण का मिलान कर रिपोर्ट तैयार की। प्रयागराज लेखा विभाग की जांच में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिंदवारी में तैनात नेत्र रोग विशेषज्ञ देवेंद्र कुमार के जीपीएफ खाते से 70 लाख रुपये से अधिक का ऋण लिए जाने का मामला सामने आया था।
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जांच में पाया गया कि खाते में इतनी धनराशि जमा ही नहीं थी। इसी तरह से महोबा स्वास्थ्य विभाग में तैनात लिपिक संतोष कुमार वर्मा पर करीब 85 लाख रुपये के गबन का आरोप भी सामने आया।
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आरोप है कि जीपीएफ खातों में हेरफेर कर रकम निकाली गई। जांच टीम ने इससे पहले सेवा पुस्तिका, जीपीएफ से संबंधित अभिलेख, पासबुक और अन्य रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा था। मंगलवार को टीम ने कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों की पड़ताल की। रिकॉर्ड में दर्ज विवरण का संबंधित अभिलेखों से मिलान किया गया।
टीम मामले से जुड़े आरोपियों के बयान पहले ही दर्ज कर चुकी है। जांच टीम अलग-अलग रिकॉर्ड का मिलान कर गड़बड़ी की पूरी स्थिति स्पष्ट करने में जुटी है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के जनपदीय कार्यालयों में होने वाली पड़ताल के बाद रिपोर्ट में और तथ्य सामने आने की उम्मीद है। जांच टीम अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेगी।