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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Water moves towards villages near the Ken warning point.

Banda News: केन चेतावनी बिंदु के पास, गांवों की ओर बढ़ा पानी

Sun, 27 Sep 2026 11:39 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Sun, 27 Sep 2026 11:39 PM IST
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Water moves towards villages near the Ken warning point.
फोटो 3- नांदादेव-पड़ोरा रपटा बाढ़ के पानी में पूरी तरह से डूब गया। संवाद
बांदा/पैलानी/तिंदवारी। लगातार हो रही बारिश से केन और यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।
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शनिवार शाम करीब 98 मीटर पर रहा केन का जलस्तर महज 12 घंटे में बढ़कर 102.20 मीटर पहुंच गया। चेतावनी बिंदु 103 मीटर के करीब पहुंचने से केन के तटवर्ती गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ा और आवागमन के लिए बनाए गए रपटे जलमग्न हो गए। पैलानी तहसील के तीनों रपटों पर आवागमन बंद होने से ग्रामीणों को नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा।
शनिवार को करीब 90 मीटर रहा यमुना का जलस्तर भी बढ़कर 93.04 मीटर पहुंच गया। लगातार बारिश से ग्रामीण इलाकों में जलभराव, कच्चे मकानों के गिरने और आवागमन की दिक्कतें बढ़ गईं हैं। केन नदी का जलस्तर शनिवार शाम करीब 98 मीटर था। रात में तेजी से बढ़ते हुए यह रविवार को 102.20 मीटर तक पहुंच गया।
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चेतावनी बिंदु 103 मीटर से महज 80 सेंटीमीटर नीचे पहुंचने से नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने से गौरी-अमारा, नांदादेव-पड़ोहरा और सिंधन कला-तुर्री नाला क्षेत्र के तीनों रपटे पानी में डूब गए। इससे इन रास्तों पर आवागमन बंद हो गया। पैलानी तहसील क्षेत्र में रपटों पर बाढ़ का पानी भरने के बाद नाव का संचालन फिर शुरू करना पड़ा।
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खप्टिहा कलां में केन नदी पार करने के लिए तीन बड़ी नाव लगाई गई हैं। ग्रामीणों को लाइफ जैकेट पहनाकर नदी पार कराई जा रही है। प्रशासन ने बाढ़ के पानी से भरे रपटों और घाटों पर सावधानी बरतने की अपील की है। एसडीएम पैलानी भूपेंद्र सिंह ने नहाने के लिए घाटों पर जाने और छोटे बच्चों को साथ ले जाने में सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। बाइक और साइकिल सवारों को नाव से नदी पार करने से भी बचने को कहा गया है।
यमुना में पानी बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत
यमुना का जलस्तर शनिवार को करीब 90 मीटर था जो रविवार को बढ़कर 93.04 मीटर पहुंच गया। दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का असर तटवर्ती गांवों के संपर्क मार्गों पर पड़ा। रपटे डूबने से कई रास्तों पर यातायात थम गया और ग्रामीणों को वैकल्पिक मार्ग या नाव का सहारा लेना पड़ा। हालांकि, केन का जलस्तर फिलहाल घटने लगा है, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

तिंदवारी में चार कच्चे मकान ढहे
लगातार बारिश का असर तिंदवारी कस्बे के विकास नगर में भी दिखाई दिया। रविवार सुबह बारिश के दौरान पूनम, सुंदरिया, रामसखी और विद्या के कच्चे मकान भरभराकर ढह गए। सतर्कता से परिवार के सदस्य बाल-बाल बच गए। मकान गिरने से गृहस्थी का सामान और अनाज दबकर खराब हो गया। विद्या के घर में बारिश का पानी भरा है और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से परिवार परेशान है। पीड़ितों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है।

फोटो 3- नांदादेव-पड़ोरा रपटा बाढ़ के पानी में पूरी तरह से डूब गया। संवाद

फोटो 3- नांदादेव-पड़ोरा रपटा बाढ़ के पानी में पूरी तरह से डूब गया। संवाद

फोटो 3- नांदादेव-पड़ोरा रपटा बाढ़ के पानी में पूरी तरह से डूब गया। संवाद

फोटो 3- नांदादेव-पड़ोरा रपटा बाढ़ के पानी में पूरी तरह से डूब गया। संवाद

फोटो 3- नांदादेव-पड़ोरा रपटा बाढ़ के पानी में पूरी तरह से डूब गया। संवाद

फोटो 3- नांदादेव-पड़ोरा रपटा बाढ़ के पानी में पूरी तरह से डूब गया। संवाद

फोटो 3- नांदादेव-पड़ोरा रपटा बाढ़ के पानी में पूरी तरह से डूब गया। संवाद

फोटो 3- नांदादेव-पड़ोरा रपटा बाढ़ के पानी में पूरी तरह से डूब गया। संवाद

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