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उन्नाव समेत 28 जिलों में ज्यादा आर्सेनिक
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बांदा। निर्धारित मात्रा से अधिक हो जाने पर शरीर के लिए जहर साबित होने वाला आर्सेनिक तत्व बुंदेलखंड के झांसी और सेंट्रल यूपी के उन्नाव समेत प्रदेश के 28 जिलों के भूजल में अधिक पाया गया है। पूरे देश में उत्तर प्रदेश आर्सेनिक में अव्वल है। यह जानकारी सोमवार को राज्यसभा में बांदा के सांसद विशंभर प्रसाद निषाद द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री रतनलाल कटारिया ने दी।
बांदा के राज्यसभा सदस्य विशंभर प्रसाद निषाद समेत चौधरी सुखराम सिंह यादव और छाया वर्मा सांसदों ने संयुक्त रूप से अतारंकित प्रश्न के जरिए यह पूछा था कि देश के किन-किन भागों में भूजल में बोरान तत्व और आर्सेनिक की मात्रा अधिक है। केंद्र सरकार इन क्षेत्रों के भूजल को पीने योग्य बनाने और घरों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने को जल जीवन मिशन के तहत क्या-क्या लक्ष्य निर्धारित किए हुए है। इस सवाल के जवाब में 22 मार्च को केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री ने केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा दी गई सूचना का हवाला देकर देश के सभी 21 राज्यों में भूजल में आर्सेनिक की मौजूदगी वाले जिलों की सूची दी।
सूची में सर्वाधिक 28 जिले उत्तर प्रदेश के हैं। यहां अधिक आर्सेनिक वाले जनपदों में बुंदेलखंड का झांसी और सेंट्रल यूपी के उन्नाव आदि शामिल हैं, जबकि सीमावर्ती मध्य प्रदेश में मात्र आठ जिलों में भूजल में अधिक आर्सेनिक पाया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों की भागीदारी में जल जीवन मिशन योजना चला रही है, ताकि देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवारों को वर्ष 2024 तक पीने योग्य नल जल आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सके।
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इंसेट---
आर्सेनिक की मौजूदगी वाले जिले---
झांसी, उन्नाव, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बरेली, बस्ती, बिजनौर, चंदौली, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, रायबरेली, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, सिद्धार्थ नगर, संत रविदास नगर, आजमगढ़, बदायूं, देवरिया, कौशांबी, कुशीनगर, पीलीभीत और मऊनाथ भंजन।
इंसेट---
देश के अन्य राज्यों के जिलों की स्थिति---
मध्य प्रदेश-आठ, बिहार-23, असम-19, झारखंड-2, पंजाब-10, राजस्थान-एक, पश्चिम बंगाल-10, उड़ीसा व दमन द्वीप-एक-एक, मणिपुर-दो, कर्नाटक-दो, जम्मू कश्मीर-तीन, हिमाचल प्रदेश-एक, हरियाणा-13, गुजरात-12, दिल्ली-दो, आंध्र प्रदेश-तीन, तेलांगना-एक आदि।
इंसेट---
मिशन में इस वर्ष यूपी को मिले 3866 करोड़
सांसद के सवाल पर केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2019-20 में यूपी को केंद्रीय निधि से 1206.28 करोड़ और राज्य निधि से 1513.14 करोड़ दिए गए थे। इसी तरह चालू वर्ष 2020-21 में केंद्र से 2570.94 करोड़ और राज्य निधि से 1295.47 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
इंसेट---
क्या है आर्सेनिक---
आर्सेनिक धातु की तरह एक प्राकृतिक तत्व है। पेयजल, भोजन एवं वायु के माध्यम से मानव शरीर में एक निर्धारित मात्रा 0.05 मिलीग्राम/लीटर से अधिक पहुंच जाने पर यह शरीर के लिए जहर साबित होता है। इसे देखा, चखा या सूंघा नहीं जा सकता। आर्सेनिक युक्त पानी से भरा गिलास वैसा ही दिखता है जैसा आर्सेनिक रहित पानी। जांच से ही पता चलता है। भूजल में मुख्यत: आर्सेनिक प्रदूषण प्राकृतिक कारणों से होता है। सामान्य रूप से बड़ी नदियों के बहाव क्षेत्र में मिट्टी में भी पाया जाता है। इसकी अधिक मात्रा से शरीर को नुकसान पहुंचता है।
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बांदा के राज्यसभा सदस्य विशंभर प्रसाद निषाद समेत चौधरी सुखराम सिंह यादव और छाया वर्मा सांसदों ने संयुक्त रूप से अतारंकित प्रश्न के जरिए यह पूछा था कि देश के किन-किन भागों में भूजल में बोरान तत्व और आर्सेनिक की मात्रा अधिक है। केंद्र सरकार इन क्षेत्रों के भूजल को पीने योग्य बनाने और घरों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने को जल जीवन मिशन के तहत क्या-क्या लक्ष्य निर्धारित किए हुए है। इस सवाल के जवाब में 22 मार्च को केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री ने केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा दी गई सूचना का हवाला देकर देश के सभी 21 राज्यों में भूजल में आर्सेनिक की मौजूदगी वाले जिलों की सूची दी।
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सूची में सर्वाधिक 28 जिले उत्तर प्रदेश के हैं। यहां अधिक आर्सेनिक वाले जनपदों में बुंदेलखंड का झांसी और सेंट्रल यूपी के उन्नाव आदि शामिल हैं, जबकि सीमावर्ती मध्य प्रदेश में मात्र आठ जिलों में भूजल में अधिक आर्सेनिक पाया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों की भागीदारी में जल जीवन मिशन योजना चला रही है, ताकि देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवारों को वर्ष 2024 तक पीने योग्य नल जल आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सके।
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आर्सेनिक की मौजूदगी वाले जिले---
झांसी, उन्नाव, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बरेली, बस्ती, बिजनौर, चंदौली, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, रायबरेली, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, सिद्धार्थ नगर, संत रविदास नगर, आजमगढ़, बदायूं, देवरिया, कौशांबी, कुशीनगर, पीलीभीत और मऊनाथ भंजन।
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देश के अन्य राज्यों के जिलों की स्थिति---
मध्य प्रदेश-आठ, बिहार-23, असम-19, झारखंड-2, पंजाब-10, राजस्थान-एक, पश्चिम बंगाल-10, उड़ीसा व दमन द्वीप-एक-एक, मणिपुर-दो, कर्नाटक-दो, जम्मू कश्मीर-तीन, हिमाचल प्रदेश-एक, हरियाणा-13, गुजरात-12, दिल्ली-दो, आंध्र प्रदेश-तीन, तेलांगना-एक आदि।
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मिशन में इस वर्ष यूपी को मिले 3866 करोड़
सांसद के सवाल पर केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2019-20 में यूपी को केंद्रीय निधि से 1206.28 करोड़ और राज्य निधि से 1513.14 करोड़ दिए गए थे। इसी तरह चालू वर्ष 2020-21 में केंद्र से 2570.94 करोड़ और राज्य निधि से 1295.47 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
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क्या है आर्सेनिक---
आर्सेनिक धातु की तरह एक प्राकृतिक तत्व है। पेयजल, भोजन एवं वायु के माध्यम से मानव शरीर में एक निर्धारित मात्रा 0.05 मिलीग्राम/लीटर से अधिक पहुंच जाने पर यह शरीर के लिए जहर साबित होता है। इसे देखा, चखा या सूंघा नहीं जा सकता। आर्सेनिक युक्त पानी से भरा गिलास वैसा ही दिखता है जैसा आर्सेनिक रहित पानी। जांच से ही पता चलता है। भूजल में मुख्यत: आर्सेनिक प्रदूषण प्राकृतिक कारणों से होता है। सामान्य रूप से बड़ी नदियों के बहाव क्षेत्र में मिट्टी में भी पाया जाता है। इसकी अधिक मात्रा से शरीर को नुकसान पहुंचता है।