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बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का कहर, रो पड़ा किसान
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 15 Mar 2015 11:20 PM IST
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बेसमय बारिश और ओलावृष्टि से जिले में फसलों को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है। दलहनी, तिलहनी और गेहूं की फसलों को 70 फीसदी नुकसान का अनुमान है।
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जनपद की चारों तहसीलों में एक अरब 58 करोड़ रुपये की फसलें खेतों में ही सड़ गईं हैं। कृषि विभाग के अनुमानित 17 लाख टन उत्पादन लक्ष्य को भी जबरदस्त झटका लगा है। यह अब घटकर 40 से 50 फीसदी ही रह जाएगा।
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कृषि विभाग के मुताबिक जनपद के करीब 80 हजार किसान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। लगभग डेढ़ अरब रुपये से ज्यादा कीमत की चना, मसूर, मटर, लाही आदि फसलें खेतों में ही सड़ गई है।
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नरैनी में 38 करोड़, सदर में 32 करोड़, अतर्रा में 26 करोड़, बबेरू में 34 करोड़ और पैलानी में 28 करोड़ रुपये के अनुमानित फसल नुकसान की रिपोर्ट कृषि विभाग शासन को भेज रहा है। नुकसान के आंकलन के लिए लेखपालों से प्लाट-टू-प्लाट सर्वे कराया जा रहा है।
उधर, कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी मुलायम सिंह परिहार के मुताबिक दलहनी व तिलहनी फसलों का 100 फीसदी नुकसान हुआ है। अगर अब भी मौसम साथ दे जाए तो गेहूं की फसल 40-50 फीसदी बच सकती है।
लक्ष्य को लगा तगड़ा झटका
बांदा। इस वर्ष जिले में 3.18 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में रबी की फसल का आच्छादन लक्ष्य था। इसमें से 3.15 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं, अरहर, मसूर, चना, मटर, अलसी, सरसों आदि की फसलें बोई गईं थी।
अरहर का लक्ष्य बढ़ाकर 42,546 हेक्टेयर किया गया था। कृषि विभाग के मुताबिक मसूर और चना को 90 फीसदी नुकसान हुआ है। दैवीय आपदा से सबसे ज्यादा नुकसान नरैनी, अतर्रा और पैलानी में हुआ है। यहां मसूर और चना तो 95 फीसदी खत्म हो गया है।
दैवीय आपदा से प्रभावित करीब 80 हजार किसानों के समक्ष इस वर्ष आर्थिक संकट सामने है। कई का कहना है कुदरत की मार से ऐसी स्थिति बन गई है कि कर्ज चुकाना तो दूर घरों में चूल्हा जलाने के लाले पड़ जाएंगे।
हर गांव में होगा सर्वे और क्रास चेकिंग
बांदा। डीएम सुरेश कुमार ने कहा है कि हर गांवों में फसलवार सर्वे करके तत्काल रिपोर्ट पेश की जाए। सर्वे की क्रास चेकिंग कराई जाएगी। जहां गड़बड़ी पाई गई वहां जिम्मेदार दोषी पर कार्रवाई होगी।
एसडीएम तहसीलदार और नायब तहसीलदार क्रमश: 10, 20 और 25 प्रतिशत गांवों का सर्वे खुद करेंगे। वह यह लिखित प्रमाण पत्र पेश करेंगे कि गांववार और फसलवार शत-प्रतिशत सर्वे कर लिया गया है।
रविवार को अपने कैंप कार्यालय में आयोजित बैठक में डीएम ने उप जिलाधिकारी और तहसीलदारों से कहा कि कई गांवों से सर्वे का आंकलन सही न किए जाने की शिकायतें आ रही हैं। इनकी जांच कराई जाए। अलग टीमें बनाकर क्रास चेकिंग हो। काश्तकारों का भी सहयोग लिया जाए। सर्वे में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।
सर्वे रिपोर्ट में किसान के हस्ताक्षर भी हों। हर राजस्व कर्मी और अधिकारी ईमानदारी से यह काम करें। डीएम ने चेतावनी दी कि वह और एडीएम भी सर्वे करेंगे। कहीं यह शिकायत पाई गई कि स्थलीय सर्वे नहीं हुआ है तो वहां के एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जौहरपुर में टीम ने किया क्रास सर्वे
सदर के जौहरपुर गांव में रविवार को राजस्व कर्मियों की टीम ने प्लाटवार फसलों का सर्वे किया। प्रधान शिवभवन सिंह सहित राजस्व निरीक्षक अवधेश कुमार और लेखपाल विनोद कुमार (जौहरपुर) व देवनारायण शुक्ला (मूंगुस) शामिल रहे। बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण भी उपस्थित थे।