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Banda News: कक्षों को लेकर छह माह से चल रही थी रार, बह गया खून
Tue, 01 Jul 2025 11:20 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 01 Jul 2025 11:20 PM IST
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बांदा। विधायक निधि से निर्मित छह अधिवक्ता कक्षों के आवंटन का विवाद पिछले छह माह से वर्तमान बार संघ अध्यक्ष व पूर्व अध्यक्ष के बीच चल रहा था। पूर्व बार संघ अध्यक्ष अशोक दीक्षित का कहना है कि उन्होंने विधायक निधि से छह अधिवक्ता कक्षों का निर्माण कराया था। जिन्हें नियमानुसार शुल्क लेकर आवंटित किया गया। लेकिन मौजूदा अध्यक्ष इस आवंटन को नहीं मान रहे हैं और अवैधानिक तरीके से पैसा लेकर कक्षों का आवंटन कर कब्जा कराना चाहते हैं।
सोमवार की रात बार संघ अध्यक्ष के इशारे पर अधिवक्ता गोविंद प्रसाद त्रिपाठी ने उनके कक्ष का ताला तोड़ दिया और सामान बाहर फेंकते हुए कुछ सामान ले गए और अपना सामान कक्ष के अंदर रख दिया। मंगलवार की सुबह जब अधिवक्ता को मना किया गया तो उन्होंने उन पर जानलेवा हमला किया। हमले के दौरान वह गिर गए और घायल हो गए। आरोप है कि यह हमला उनकी हत्या के इरादे से किया गया। इसकी उन्होंने दो दिन पहले पुलिस के आला अधिकारियों को सूचना दी थी।
उधर, बार संघ अध्यक्ष द्वारिकेश मंडेला का कहना है कि पूर्व बार संघ अध्यक्ष ने सात फरवरी 2025 को चुनाव के दौरान कक्षों का आवंटन किया है। इस दौरान उनको आवंटन का अधिकार नहीं था। चुनाव के दौरान एल्डर्स कमेटी प्रभावी होती है। शिकायत के बाद उन्होंने उक्त आवंटन को निरस्त करते हुए नए सिरे से कक्षों का आवंटन किया है। अधिकृत तौर पर कक्ष प्राप्त करने वाले अधिवक्ता गोविंद प्रसाद त्रिपाठी मंगलवार को सुबह अपने कक्ष में गए तो उनके साथ मारपीट की गई।
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अधिवक्ताओं के विवाद से तनाव की स्थिति
बांदा। मंगलवार की सुबह अधिवक्ताओं के बीच हुई मारपीट के बाद तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि पुलिस ने कचहरी परिसर में डेरा डाल लिया है, लेकिन पूर्व बार संघ अध्यक्ष व पूर्व अध्यक्ष के बीच टकराव की स्थिति न सुलझी तो मामला आगे भी बढ़ सकता है। पूर्व बार संघ अध्यक्ष अशोक दीक्षित फौजदारी के जाने-माने अधिवक्ता हैं और द्वारिकेश मंडेला मौजूदा बार संघ अध्यक्ष हैं। संवाद
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सोमवार की रात बार संघ अध्यक्ष के इशारे पर अधिवक्ता गोविंद प्रसाद त्रिपाठी ने उनके कक्ष का ताला तोड़ दिया और सामान बाहर फेंकते हुए कुछ सामान ले गए और अपना सामान कक्ष के अंदर रख दिया। मंगलवार की सुबह जब अधिवक्ता को मना किया गया तो उन्होंने उन पर जानलेवा हमला किया। हमले के दौरान वह गिर गए और घायल हो गए। आरोप है कि यह हमला उनकी हत्या के इरादे से किया गया। इसकी उन्होंने दो दिन पहले पुलिस के आला अधिकारियों को सूचना दी थी।
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उधर, बार संघ अध्यक्ष द्वारिकेश मंडेला का कहना है कि पूर्व बार संघ अध्यक्ष ने सात फरवरी 2025 को चुनाव के दौरान कक्षों का आवंटन किया है। इस दौरान उनको आवंटन का अधिकार नहीं था। चुनाव के दौरान एल्डर्स कमेटी प्रभावी होती है। शिकायत के बाद उन्होंने उक्त आवंटन को निरस्त करते हुए नए सिरे से कक्षों का आवंटन किया है। अधिकृत तौर पर कक्ष प्राप्त करने वाले अधिवक्ता गोविंद प्रसाद त्रिपाठी मंगलवार को सुबह अपने कक्ष में गए तो उनके साथ मारपीट की गई।
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अधिवक्ताओं के विवाद से तनाव की स्थिति
बांदा। मंगलवार की सुबह अधिवक्ताओं के बीच हुई मारपीट के बाद तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि पुलिस ने कचहरी परिसर में डेरा डाल लिया है, लेकिन पूर्व बार संघ अध्यक्ष व पूर्व अध्यक्ष के बीच टकराव की स्थिति न सुलझी तो मामला आगे भी बढ़ सकता है। पूर्व बार संघ अध्यक्ष अशोक दीक्षित फौजदारी के जाने-माने अधिवक्ता हैं और द्वारिकेश मंडेला मौजूदा बार संघ अध्यक्ष हैं। संवाद