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सूखे में सूख गई गेहूं की खरीद, डेढ़ माह में आठ फीसदी खरीद
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 20 May 2016 12:11 AM IST
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सूना पड़ा मंडी समिति परिसर स्थित गेहूं खरीद केंद्र।
- फोटो : अमर उजाला
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सूखे की मार से सरकार का गेहूं खरीद लक्ष्य धड़ाम हो गया है। अधिकांश खरीद केंद्रों में सन्नाटा पसरा है। कुछ केंद्रों में हफ्ते में एक-दो ट्रैक्टर ही गेहूं आ रहा है। मंडल में लक्ष्य के मुताबिक डेढ़ माह में 8 फीसदी गेहूं खरीद हुई। इसमें महोबा जिला 1.64 फीसदी खरीद के साथ सबसे फिसड्डी है। चारों जिलों में 1993 किसानों ने केंद्रों में गेहूं बेचा।
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शासन ने मंडल में 97,500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसमें बांदा जिले में 33,000, महोबा 11,000, हमीरपुर में 35,500 और चित्रकूट जिले में 18,000 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जानी है। पहली अप्रैल से खरीद शुरू होने के बाद केंद्रों में सन्नाटा रहा। मई माह में भी इसमें कोई तेजी नहीं आई।
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डेढ़ माह से अधिक समय बीतने के बाद बांदा जिले में 2133.65 एमटी (6.47 फीसदी) और हमीरपुर जिले में 5018.95 (14.14 फीसदी) खरीद हुई। चित्रकूट जिले में अब तक मात्र 558.82 एमटी (3.10 फीसदी) और महोबा जिले 182.90 एमटी (1.64 फीसदी) गेहूं खरीदा गया है।
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इसमें भारतीय खाद्य निगम ने पूरे मंडल में अन्य एजेंसियों के मुकाबले सबसे अधिक 1058.80 मीट्रिक टन खरीद की है। उधर, खरीद केंद्रों में गेहूं बेचने वाले किसानों की संख्या भी बहुत कम रही। बांदा जिले में 638, महोबा में 35, हमीरपुर में 1087 और चित्रकूट जिले में सिर्फ 234 किसान गेहूं बेचने खरीद केंद्र पहुंचे।
मंडल में गेहूं खरीद के लिए भारतीय खाद्य निगम, पीसीएफ व यूपी एग्रो समेत 10 एजेंसियों ने 103 खरीद केंद्र संचालित किए हैं। जिला मुख्यालय मंडी परिसर स्थित पीसीएफ खरीद केंद्र में अप्रैल माह में 59 क्विंटल और मई माह में अब तक 69 क्विंटल खरीद हुई है।
केंद्र प्रभारी हेमंत कुमार का कहना है कि पिछले माह तीन और इस माह चार ट्रैक्टर गेहूं बिकने आया। गुरुवार को ं गेहूं बेचने आए किसान राजेश सिंह गौतम (जमालपुर) ने बताया कि उसने 70 बीघे में गेहूं की बुवाई की है। हर साल लगभग 300 से 400 क्विंटल पैदावार होती थी। इस साल मात्र 120 क्विंटल पैदावार हुई।
मंडी परिसर स्थित विपणन विभाग के खरीद केंद्र के गोदाम में सन्नाटा है। सहायक केंद्र प्रभारी रविकरण शुक्ला ने बताया कि माल न आने से किसी केंद्र से बारदाना (बोरा) की डिमांड नहीं आ रही। कई दिन से कोई किसान गेहूं बेचने नहीं आया। अब तक मात्र 207 क्विंटल खरीद हुई है। इसमें अप्रैल माह में 116 और मई में 51 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। 5 मई से एक भी किसान यहां गेहूं बेचने नहीं पहुंचा।