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सर्दी का सितम : स्कूलों में आग ताप कर लौटे बच्चे और शिक्षक

Thu, 28 Dec 2023 12:51 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 28 Dec 2023 12:51 AM IST
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The harshness of winter: Children and teachers returned after warming themselves in schools.
बांदा। सर्दी का सितम बुधवार को भी रहा। मंगलवार को तो दोपहर 12 बजे के बाद धूप निकल आई थी, लेकिन बुधवार को पूरे दिन सूर्य ने दर्शन नहीं दिए। घने कोहरे ने गलन और बढ़ा दी। जैसे-तैसे बच्चे स्कूलों को तो पहुंचे, लेकिन कॉपी किताब खोलकर पढ़ने के बजाय आग तापकर या फिर खेलकूद कर घरों को लौट आए। अभिभावकों का कहना है कि शीतलहर को देखते हुए विद्यालयों को कुछ दिनों के लिए बंद ही कर देना चाहिए। वहीं मौसम का असर फसलों पर भी पड़ रहा है। रबी की फसलों में कुछ के लिए कोहरा फायदेमंद तो कुछ के लिए नुकसानदायक भी है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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पैलानी तहसील सभी प्राथमिक विद्यालय व जूनियर हाईस्कूल विद्यालयों के साथ साथ माध्यमिक विद्यालयों राजकीय इंटर कॉलेज पैलानी, मधुसूदन दास आदर्श इंटर कॉलेज जसपुरा, पंडित जवाहरलाल नेहरू आदर्श इंटर कॉलेज चंदवारा, संगम इंटर कॉलेज चिल्ला ,परम हंस श्री रणछोड़ दास इंटर कॉलेज खप्टिहाकलां समेत क्षेत्र के कई माध्यमिक विद्यालयों के छात्र छात्राएं भी कोहरे के बीच ही स्कूल पहुंचे। छात्रा शिखा, आकांक्षा प्रियांशी, हर्षित सिंह,साहिल अतरहट, गोलू पपरेंदा आदि ने बताया कि कुहासा के बीच साइकिल से करीब सात किलोमीटर का सफर तय कर रणछोड़ दास इंटर कॉलेज पहुंचे। फिलहाल अभिभावकों ने ठंड को देखते हुए विद्यालय कुछ दिनों के लिए बंद करने की बात कही है।
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अतर्रा में लाल थोक पर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय कंपोजिट में कुछ बच्चे अध्यापक की अनुपस्थिति में स्वयं पीटी करते हुए नजर आए l स्कूल के सभी शिक्षक ठंड होने के चलते अलाव तापते हुए मिले l स्कूल में आए हुए बच्चों में से अधिकांश बच्चे बिना स्वेटर एवं जूता मोजा के मिले। बता दें कि ड्रेस, स्वेटर सहित जूते मोजे के लिए प्रतिवर्ष 1200 रुपये बच्चों के अभिभावकों के खाते पर भेजे जाते हैं, लेकिन उन रुपयों का अभिभावक अन्य काम में खर्च कर देते हैं l
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फसलों को अभी नहीं नुकसान
खप्टिहाकलांं। किसान राज किशोर सिंह उर्फ कल्लू सिंह ने बताया कि अभी फसल में किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं है। खेतों में खड़ी मसूर, चना, सरसों, अरहर, तथा मटर की फसलों पर जो फूल चढ़े हुए हैं, उनका नुकसान तो हो सकता है, लेकिन आगे मकर संक्रांति के आते-आते यही फसलें किसानों को दोगुनी आमदनी दे सकती हैं। अगर बीच में किसी भी प्रकार की कोई बाधा नहीं आई तो फिलहाल कोहरे से फसल का नुकसान काम फायदा ज्यादा है। वहीं, दूसरी और कस्बे के किसान भोले द्विवेदी का कहना है की गेहूं की फसल को छोड़कर से सभी फूलदार फसलों का नुकसान इस कोहरे से ज्यादा है। आगे प्रकृति के अनुसार फसलों की कम तथा ज्यादा पैदावार होने का अनुमान लगाया जा सकेगा।


विद्यालयों का समय बदलने की मांग
नरैनी। शीतलहर के चलते बेसिक शिक्षा परिषद के द्वारा संचालित विद्यालयों में ठंड को देखते हुए विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने समय परिवर्तन की मांग जिलाधिकारी से की है। एसोसिएशन के जिला प्रभारी एवं अटेवा के जिला संरक्षक मंडल अजय कुमार के मुताबिक शीतलहर एवं ठंड बढ़ गई है। विद्यालयों में छोटे-छोटे बच्चों को भीषण ठंड का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश के लखनऊ समेत कुछ जिलों में समय परिवर्तन भी कर दिया गया है इसलिए जनपद में भी सुबह 10 बजे से लेकर विद्यालय खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए। (संवाद)
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