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‘डॉक्टर साहब कोर्ट गए हैं, आज अल्ट्रासाउंड नहीं होगा’
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'The doctor has gone to court, there will be no ultrasound today'
- फोटो : BANDA
बांदा। ‘डॉक्टर साहब महोबा कोर्ट गए हैं, आज अल्ट्रासाउंड नहीं होगा’। दीवार पर चस्पा इस सूचना के बाद लू के थपेड़े और करीब 48 डिग्री सेल्सियस के बीच जिला पुरुष अस्पताल अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचे मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। उनमें गुस्सा भी नजर आया। सीएमएस ने चित्रकूट के रेडियोलाजिस्ट को यहां नियुक्त करने के लिए अपर निदेशक को पत्र भेजा है।
डॉ. पीएस सागर के सेवानिवृत्त होने के बाद लगभग पांच साल से जिले में रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त चल रहा है। इससे अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे आदि सेवाएं प्रभावित हैं। अपर निदेशक (स्वास्थ्य एवं चिकित्सा) ने अस्थायी व्यवस्था के तहत महोबा के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. सुरेश कुमार को यहां तीन दिन के लिए संबद्ध किया था। लेकिन वह अक्सर यहां नहीं आ पाते। निर्धारित दिवस शुक्रवार को डॉ. सुरेश कुमार के न आने पर जिला पुरुष और महिला अस्पतालों के मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। मजबूरन उन्हें प्राइवेट केंद्रों में जाकर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा। इनमें अधिकांश गर्भवती महिलाएं थीं। मरीज रोशनी (पारा), अनामिका (बिसंडा), राकेश कुमार (लुकतरा) और आंचल सैनी (कमासिन) ने डॉक्टर के नदारद होने पर रोष जताया।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. एसएन मिश्र ने बताया कि महोबा के रेडियोलाजिस्ट के कोर्ट जाने की वजह अल्ट्रासाउंड नहीं हो सके। इसकी सूचना दीवार पर चस्पा की गई थी। अपर निदेशक को पत्र भेजकर चित्रकूट के रेडियोलॉजिस्ट को बांदा में नियुक्त करने का अनुरोध किया है। मौजूदा में चित्रकूट में दो रेडियोलाजिस्ट हैं।
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डॉ. पीएस सागर के सेवानिवृत्त होने के बाद लगभग पांच साल से जिले में रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त चल रहा है। इससे अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे आदि सेवाएं प्रभावित हैं। अपर निदेशक (स्वास्थ्य एवं चिकित्सा) ने अस्थायी व्यवस्था के तहत महोबा के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. सुरेश कुमार को यहां तीन दिन के लिए संबद्ध किया था। लेकिन वह अक्सर यहां नहीं आ पाते। निर्धारित दिवस शुक्रवार को डॉ. सुरेश कुमार के न आने पर जिला पुरुष और महिला अस्पतालों के मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। मजबूरन उन्हें प्राइवेट केंद्रों में जाकर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा। इनमें अधिकांश गर्भवती महिलाएं थीं। मरीज रोशनी (पारा), अनामिका (बिसंडा), राकेश कुमार (लुकतरा) और आंचल सैनी (कमासिन) ने डॉक्टर के नदारद होने पर रोष जताया।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. एसएन मिश्र ने बताया कि महोबा के रेडियोलाजिस्ट के कोर्ट जाने की वजह अल्ट्रासाउंड नहीं हो सके। इसकी सूचना दीवार पर चस्पा की गई थी। अपर निदेशक को पत्र भेजकर चित्रकूट के रेडियोलॉजिस्ट को बांदा में नियुक्त करने का अनुरोध किया है। मौजूदा में चित्रकूट में दो रेडियोलाजिस्ट हैं।
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