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Banda News: कोर्ट से जिला पंचायत अध्यक्ष को झटका, विधायक व पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ नहीं मिले सुबूत
Tue, 09 Dec 2025 11:30 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 09 Dec 2025 11:30 PM IST
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- सीजेएम कोर्ट ने आदेश में कहा-अध्यक्ष न पीड़ित न प्रभावित, लगाए गए आरोप बेबुनियाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता द्विवेदी पर लगाए गए सभी आरोपों को असत्य मानते हुए पूरे प्रकरण को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि आवेदनकर्ता न तो पीड़ित पक्ष है और न ही किसी प्रकार से प्रभावित, इसलिए प्रकरण विचारणीय नहीं है।
सुनील पटेल ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर वर्ष 2018–2020 के दौरान 120 करोड़ रुपये के गबन और कृषि महाविद्यालय में 11 फर्जी नियुक्तियां कराने का आरोप लगाया था। उनका आरोप था कि सदर विधायक ने तत्कालीन अध्यक्ष सरिता द्विवेदी के कूटरचित हस्ताक्षर कर भारी आर्थिक क्षति पहुंचाई लेकिन सुनवाई के दौरान वे इन दावों का कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके।
वहीं सरिता द्विवेदी ने दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षरों को अपना बताया और आरोपों को निराधार बताया। कोर्ट ने नजीरों का हवाला देते हुए कहा कि शिकायत अप्रमाणित और कल्पित तथ्यों पर आधारित है, जिसे दबाव बनाने के उद्देश्य से दायर किया गया। इस आधार पर सीजेएम कोर्ट ने आवेदन को निरस्त कर अध्यक्ष को करारा झटका दिया।
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वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है, न ही कोर्ट से उन्हें आदेश की कोई काॅपी मिली है। वहीं सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने कोर्ट के फैसले की सहना करते हुए सत्य की जीत बताई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता द्विवेदी पर लगाए गए सभी आरोपों को असत्य मानते हुए पूरे प्रकरण को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि आवेदनकर्ता न तो पीड़ित पक्ष है और न ही किसी प्रकार से प्रभावित, इसलिए प्रकरण विचारणीय नहीं है।
सुनील पटेल ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर वर्ष 2018–2020 के दौरान 120 करोड़ रुपये के गबन और कृषि महाविद्यालय में 11 फर्जी नियुक्तियां कराने का आरोप लगाया था। उनका आरोप था कि सदर विधायक ने तत्कालीन अध्यक्ष सरिता द्विवेदी के कूटरचित हस्ताक्षर कर भारी आर्थिक क्षति पहुंचाई लेकिन सुनवाई के दौरान वे इन दावों का कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके।
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वहीं सरिता द्विवेदी ने दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षरों को अपना बताया और आरोपों को निराधार बताया। कोर्ट ने नजीरों का हवाला देते हुए कहा कि शिकायत अप्रमाणित और कल्पित तथ्यों पर आधारित है, जिसे दबाव बनाने के उद्देश्य से दायर किया गया। इस आधार पर सीजेएम कोर्ट ने आवेदन को निरस्त कर अध्यक्ष को करारा झटका दिया।
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वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है, न ही कोर्ट से उन्हें आदेश की कोई काॅपी मिली है। वहीं सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने कोर्ट के फैसले की सहना करते हुए सत्य की जीत बताई है।