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Banda News: जानलेवा हुई ठंड...किसान और अधेड़ की मौत
Sun, 21 Dec 2025 10:52 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sun, 21 Dec 2025 10:52 PM IST
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मृतक किसान रामसजीवन। फाइल फोटो।
बांदा/कमासिन। खेत में पानी लगाने गए किसान की सर्दी लगने से हालत बिगड़ गई। कंपकंपाते हुए वह घर पहुंचे। परिजनों ने उन्हें सीएचसी पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उधर, एक अन्य मजदूर की घर में हालत बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। तीन अन्य को सर्दी से हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कमासिन थाना क्षेत्र के पछौंहा गांव निवासी बुद्धराज ने बताया कि उसके चाचा रामसजीवन (63) शनिवार रात खेत में पानी लगाने गए थे। ट्यूबवेल से गेहूं की फसल में सिंचाई कर रहे थे तभी उन्हें सर्दी लग गई। वह कंपकंपाते हुए घर आए। परिजनों ने उन्हें अलाव जलाकर राहत पहुंचाने का प्रयास किया लेकिन उनकी हालत बिगड़ती चली गई। परिजन उन्हें लेकर सीएचसी पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। भतीजे ने बताया कि उनके पांच बीघा जमीन है। वह किसानी का काम करते थे। घर में दो पुत्र और पत्नी भुल्लू हैं। इंस्पेक्टर भाष्कर मिश्र ने किसान की सर्दी लगने से मौत की आशंका जताई है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
उधर, देहात कोतवाली क्षेत्र के चहितारा गांव निवासी भइयालाल (55) की सर्दी से अचानक हालत बिगड़ गई। परिजनों ने पेट दर्द की शिकायत होने पर उसे रविवार को दोपहर जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन उसका शव घर ले गए। जसपुरा थाना क्षेत्र के नांदादेव गांव निवासी अरविंद ने बताया कि उसकी पत्नी रामश्री (38), पैलानी थाना क्षेत्र के बड़ागांव निवासी गोरेलाल (35) व कनवारा के टिकरी गांव निवासी संतू ने बताया कि उसकी पत्नी शांति देवी (55) की अचानक सर्दी लगने से हालत बिगड़ गई। कंपकंपी के साथ बुखार आने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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बोले डॉक्टर
जिला अस्पताल के वरिष्ठ ईएमओ डॉ. विनीत सचान ने कहा कि इस मौसम में किसान, मजदूर सिंचाई करने या मजदूरी करने जा रहे हैं तो हाथों में रबर के दस्ताने व जूते पहनकर जाएं। सिर में ऊनी टोपी और ऊनी मोजे जरूर पहने। खेत में अलाव जलाकर रखें। थोड़ी-थोड़ी देर में हाथ और पैर सेंकते रहें। गरम खाद्य पदार्थ का सेवन करें। खेत में अगर रात में रुकना है तो दो-तीन किसानों की आपस में समय निर्धारित कर लें, ताकि किसी एक व्यक्ति को सिंचाई न करना पड़े। सर्दी लगने पर तत्काल अस्पताल पहुंचे। डॉक्टर की सलाह पर ही दवा का सेवन करें।
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कमासिन थाना क्षेत्र के पछौंहा गांव निवासी बुद्धराज ने बताया कि उसके चाचा रामसजीवन (63) शनिवार रात खेत में पानी लगाने गए थे। ट्यूबवेल से गेहूं की फसल में सिंचाई कर रहे थे तभी उन्हें सर्दी लग गई। वह कंपकंपाते हुए घर आए। परिजनों ने उन्हें अलाव जलाकर राहत पहुंचाने का प्रयास किया लेकिन उनकी हालत बिगड़ती चली गई। परिजन उन्हें लेकर सीएचसी पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। भतीजे ने बताया कि उनके पांच बीघा जमीन है। वह किसानी का काम करते थे। घर में दो पुत्र और पत्नी भुल्लू हैं। इंस्पेक्टर भाष्कर मिश्र ने किसान की सर्दी लगने से मौत की आशंका जताई है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
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उधर, देहात कोतवाली क्षेत्र के चहितारा गांव निवासी भइयालाल (55) की सर्दी से अचानक हालत बिगड़ गई। परिजनों ने पेट दर्द की शिकायत होने पर उसे रविवार को दोपहर जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन उसका शव घर ले गए। जसपुरा थाना क्षेत्र के नांदादेव गांव निवासी अरविंद ने बताया कि उसकी पत्नी रामश्री (38), पैलानी थाना क्षेत्र के बड़ागांव निवासी गोरेलाल (35) व कनवारा के टिकरी गांव निवासी संतू ने बताया कि उसकी पत्नी शांति देवी (55) की अचानक सर्दी लगने से हालत बिगड़ गई। कंपकंपी के साथ बुखार आने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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बोले डॉक्टर
जिला अस्पताल के वरिष्ठ ईएमओ डॉ. विनीत सचान ने कहा कि इस मौसम में किसान, मजदूर सिंचाई करने या मजदूरी करने जा रहे हैं तो हाथों में रबर के दस्ताने व जूते पहनकर जाएं। सिर में ऊनी टोपी और ऊनी मोजे जरूर पहने। खेत में अलाव जलाकर रखें। थोड़ी-थोड़ी देर में हाथ और पैर सेंकते रहें। गरम खाद्य पदार्थ का सेवन करें। खेत में अगर रात में रुकना है तो दो-तीन किसानों की आपस में समय निर्धारित कर लें, ताकि किसी एक व्यक्ति को सिंचाई न करना पड़े। सर्दी लगने पर तत्काल अस्पताल पहुंचे। डॉक्टर की सलाह पर ही दवा का सेवन करें।