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Banda News: दुष्कर्म पीड़िता से कर ली शादी पर कोर्ट ने सुनाई तीन साल की सजा
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बांदा। करीब 11 साल पुराने एक मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रदीप मिश्रा की अदालत ने आरोपी को नाबालिग को बहलाकर ले जाने का दोषी ठहराया है।
उसे तीन साल के कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। इस मामले में पीड़िता ने आरोपी से ही शादी कर ली थी, जिसके चलते दुष्कर्म का आरोप अदालत में साबित नहीं हो सका।
यह मामला बबेरू थाना क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है। करीब 11 साल पहले पीड़िता के पिता ने कमासिन थाना क्षेत्र के एक युवक के खिलाफ अपनी नाबालिग बेटी को बहलाकर ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना के दौरान मामले में दुष्कर्म की धारा भी जोड़ी थी। इसके बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
आरोपी को जेल भेजा गया था। जेल से छूटने के बाद आरोपी ने पीड़िता को शादी के लिए राजी कर लिया। फिर दोनों ने शादी कर ली थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान पीड़िता और उसके पिता दोनों अपने पूर्व आरोपों से मुकर गए। इस कारण अदालत में दुष्कर्म का आरोप साबित नहीं हो सका।
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अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को नाबालिग को बहलाकर ले जाने के अपराध में दोषी पाया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रदीप मिश्रा ने उसे तीन साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, उस पर एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। न्यायालय ने दोषी को जमानत भी दे दी।
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उसे तीन साल के कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। इस मामले में पीड़िता ने आरोपी से ही शादी कर ली थी, जिसके चलते दुष्कर्म का आरोप अदालत में साबित नहीं हो सका।
यह मामला बबेरू थाना क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है। करीब 11 साल पहले पीड़िता के पिता ने कमासिन थाना क्षेत्र के एक युवक के खिलाफ अपनी नाबालिग बेटी को बहलाकर ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना के दौरान मामले में दुष्कर्म की धारा भी जोड़ी थी। इसके बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
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आरोपी को जेल भेजा गया था। जेल से छूटने के बाद आरोपी ने पीड़िता को शादी के लिए राजी कर लिया। फिर दोनों ने शादी कर ली थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान पीड़िता और उसके पिता दोनों अपने पूर्व आरोपों से मुकर गए। इस कारण अदालत में दुष्कर्म का आरोप साबित नहीं हो सका।
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अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को नाबालिग को बहलाकर ले जाने के अपराध में दोषी पाया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रदीप मिश्रा ने उसे तीन साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, उस पर एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। न्यायालय ने दोषी को जमानत भी दे दी।