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किसानों की मदद में उतरे लेखक भारत डोगरा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 29 Nov 2015 10:52 PM IST
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बांदा। सूखे की मार से तंगहाली में जी रहे गरीब
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किसानों की मदद के लिए स्वयंसेवी संगठनों की चल रही कोशिशों में देश के
प्रसिद्ध लेखक और पत्रकार भारत डोगरा भी शामिल हो गए हैं।
उन्होंने बांदा के कई सूखा प्रभावित गांवों का जायजा लिया। उन्होंने यहां की स्थितियां गंभीर बताई। स्वयंसेवी संगठन द्वारा चलाए जा रहे ‘एक कटोरा अनाज’ जागरूकता अभियान को सराहा। साथ ही सरकार से समय रहते कारगर कदम उठाने का अनुरोध किया।
सूखे से गांवों में हालात बदहाल हैं। स्वयंसेवी संगठन विद्याधाम समिति ने नरैनी क्षेत्र के प्रभावित गांवों में मौसम की मार से बेहाल किसानों की मदद के लिए ‘एक कटोरा अनाज’ जागरूकता अभियान शुरू किया है।
इसके तहत गांवों के संपन्न लोगों से एक-एक कटोरा अनाज जुटाया जा रहा है। इसे एक स्थान पर इकट्ठा कर अनाज बैंक स्थापित किया गया है। यहां से यह अनाज गरीब और जरूरतमंद किसानों को बांटा जा रहा है।
इसी तरह भूसा इकट्ठा कर प्रभावित किसानों को उनके पशुओं के लिए भूसा दिया जा रहा है। विद्याधाम समिति नरैनी क्षेत्र के लगभग 30 गांवों में यह अभियान चला रही है।
‘एक कटोरा अनाज’ अभियान में देश के वरिष्ठ लेखक भारत डोगरा भी शामिल हो गए हैं। रविवार को वे नरैनी क्षेत्र के गांवों में पहुंचे और अभियान में शामिल हुए।
उनकी उपस्थिति में घसराउट, नीबी, मऊ सिंह का पुरवा आदि गांवों में जागरूकता रैली निकाली गई और एक-एक कटोरा अनाज इकट्ठा किया गया। उनके हाथों ही इस अनाज का वितरण गरीब और जरूरतमंद किसानों को किया गया।
भारत डोगरा ने कहा कि उन्होंने महोबा के भी आठ गांवों का भ्रमण किया है। बुंदेलखंड अति गंभीर सूखे के दौर से गुजर रहा है। आने वाले दिनों में स्थिति और विकट हो सकती है।
उन्होंने सरकार के साथ सामाजिक संगठनों और संपन्न नागरिकों से अनुरोध किया कि वे जरूरतमंदों के मददगार बनें। कहा कि नुकसान की क्षतिपूर्ति पूरी ईमानदारी से होनी चाहिए।
कर्ज वसूली पर रोक लगे और इस अवधि में कर्ज में ब्याज नहीं जोड़ा जाना चाहिए। बलकट और बटाईदार किसानों को भी सरकारी मदद मिलने की वकालत की।
विद्याधाम समिति सचिव राजाभइया ने कहा कि ‘एक कटोरा अनाज’ जागरूकता अभियान से गांवों में लोगों में एक-दूसरे के प्रति सहयोग और हमदर्दी की भावना विकसित हो रही है।
इस अभियान को जारी रखा जाएगा। टीम में विमला, अमित तिवारी, बृजमोहन, सुरेश कुमार, रवींद्र कुमार, शिव कुमार, छेदीलाल, रमेश त्रिपाठी भी शामिल हैं।
उन्होंने बांदा के कई सूखा प्रभावित गांवों का जायजा लिया। उन्होंने यहां की स्थितियां गंभीर बताई। स्वयंसेवी संगठन द्वारा चलाए जा रहे ‘एक कटोरा अनाज’ जागरूकता अभियान को सराहा। साथ ही सरकार से समय रहते कारगर कदम उठाने का अनुरोध किया।
सूखे से गांवों में हालात बदहाल हैं। स्वयंसेवी संगठन विद्याधाम समिति ने नरैनी क्षेत्र के प्रभावित गांवों में मौसम की मार से बेहाल किसानों की मदद के लिए ‘एक कटोरा अनाज’ जागरूकता अभियान शुरू किया है।
इसके तहत गांवों के संपन्न लोगों से एक-एक कटोरा अनाज जुटाया जा रहा है। इसे एक स्थान पर इकट्ठा कर अनाज बैंक स्थापित किया गया है। यहां से यह अनाज गरीब और जरूरतमंद किसानों को बांटा जा रहा है।
इसी तरह भूसा इकट्ठा कर प्रभावित किसानों को उनके पशुओं के लिए भूसा दिया जा रहा है। विद्याधाम समिति नरैनी क्षेत्र के लगभग 30 गांवों में यह अभियान चला रही है।
‘एक कटोरा अनाज’ अभियान में देश के वरिष्ठ लेखक भारत डोगरा भी शामिल हो गए हैं। रविवार को वे नरैनी क्षेत्र के गांवों में पहुंचे और अभियान में शामिल हुए।
उनकी उपस्थिति में घसराउट, नीबी, मऊ सिंह का पुरवा आदि गांवों में जागरूकता रैली निकाली गई और एक-एक कटोरा अनाज इकट्ठा किया गया। उनके हाथों ही इस अनाज का वितरण गरीब और जरूरतमंद किसानों को किया गया।
भारत डोगरा ने कहा कि उन्होंने महोबा के भी आठ गांवों का भ्रमण किया है। बुंदेलखंड अति गंभीर सूखे के दौर से गुजर रहा है। आने वाले दिनों में स्थिति और विकट हो सकती है।
उन्होंने सरकार के साथ सामाजिक संगठनों और संपन्न नागरिकों से अनुरोध किया कि वे जरूरतमंदों के मददगार बनें। कहा कि नुकसान की क्षतिपूर्ति पूरी ईमानदारी से होनी चाहिए।
कर्ज वसूली पर रोक लगे और इस अवधि में कर्ज में ब्याज नहीं जोड़ा जाना चाहिए। बलकट और बटाईदार किसानों को भी सरकारी मदद मिलने की वकालत की।
विद्याधाम समिति सचिव राजाभइया ने कहा कि ‘एक कटोरा अनाज’ जागरूकता अभियान से गांवों में लोगों में एक-दूसरे के प्रति सहयोग और हमदर्दी की भावना विकसित हो रही है।
इस अभियान को जारी रखा जाएगा। टीम में विमला, अमित तिवारी, बृजमोहन, सुरेश कुमार, रवींद्र कुमार, शिव कुमार, छेदीलाल, रमेश त्रिपाठी भी शामिल हैं।