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झाड़फूंक से परेशान किशोरी ने फांसी लगाई
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बांदा। अलग-अलग स्थानों पर किशोरी और वृद्ध फंदा लगाकर जान दे दी। किशोरी झाड़फूंक से परेशानी थी तो वृद्ध का लकवा का इलाज चल रहा था।
बदौसा थाना क्षेत्र के भदावल गांव में विनोद साहू की बेटी ज्ञानू देवी ने गुरुवार की शाम खपरैलदार कमरे में दुपट्टे से फांसी लगा ली। बहन रानू ने शव लटका देखा और मां सीता देवी को जानकारी दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। चाचा महेंद्र कुमार साहू ने बताया कि ज्ञानू दो साल से मानसिक रूप से बीमार थी। इलाज के साथ झाड़फूंक भी चल रहा था। इसी से क्षुब्ध होकर उसने जान दे दी। वह एक भाई और दो बहनों में बड़ी थी। पिता एक सप्ताह पूर्व सूरत मजदूरी करने गए हैं।
दूसरी घटना में कोतवाली नगर क्षेत्र के पड़ुई गांव में रामगोपाल (70) ने शुक्रवार सुबह बरामदे में फंदा लगाकर जान दे दी। ग्राम प्रधान पूरन लाल ने बताया कि पुत्र राकेश और पत्नी शिवदुलारी बछेई गांव में थे। रामगोपाल भी गुरुवार की रात बछेई गांव से निमंत्रण से घर लौटे थे। एक साल पूर्व लकवा लगने से परेशान थे। इलाज भी चल रहा था। लेकिन सेहत में सुधार नहीं हुआ। इसी से क्षुब्ध होकर जान दे दी।
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बदौसा थाना क्षेत्र के भदावल गांव में विनोद साहू की बेटी ज्ञानू देवी ने गुरुवार की शाम खपरैलदार कमरे में दुपट्टे से फांसी लगा ली। बहन रानू ने शव लटका देखा और मां सीता देवी को जानकारी दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। चाचा महेंद्र कुमार साहू ने बताया कि ज्ञानू दो साल से मानसिक रूप से बीमार थी। इलाज के साथ झाड़फूंक भी चल रहा था। इसी से क्षुब्ध होकर उसने जान दे दी। वह एक भाई और दो बहनों में बड़ी थी। पिता एक सप्ताह पूर्व सूरत मजदूरी करने गए हैं।
दूसरी घटना में कोतवाली नगर क्षेत्र के पड़ुई गांव में रामगोपाल (70) ने शुक्रवार सुबह बरामदे में फंदा लगाकर जान दे दी। ग्राम प्रधान पूरन लाल ने बताया कि पुत्र राकेश और पत्नी शिवदुलारी बछेई गांव में थे। रामगोपाल भी गुरुवार की रात बछेई गांव से निमंत्रण से घर लौटे थे। एक साल पूर्व लकवा लगने से परेशान थे। इलाज भी चल रहा था। लेकिन सेहत में सुधार नहीं हुआ। इसी से क्षुब्ध होकर जान दे दी।
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