फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Students up to class 10th will not study coaching in the centres.

Banda News: दसवीं तक के छात्र-छात्राएं सेंटरों में नहीं पढ़ेंगे कोचिंग

Wed, 17 Jul 2024 03:34 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jul 2024 03:34 AM IST
विज्ञापन
Students up to class 10th will not study coaching in the centres.
बांदा। कोचिंग संस्थानों में कक्षा दसवीं तक (16 वर्ष से कम आयु) के छात्र-छात्राएं नजर नहीं आएंगे। डीआईओएस ने इनके लिए कोचिंग प्रतिबंधित कर दिया है। मानकों की अनदेखी कर संचालित कोचिंग सेंटरों पर शिकंजा कसने के लिए चार नोडल अधिकारियों की अगुवाई में टीमें गठित की हैं। यह टीमें 15 दिन में डीआईओएस को रिपोर्ट देंगी।
विज्ञापन



जनपद मुख्यालय सहित कस्बों में सैकड़ों की संख्या में कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें कहीं छात्र-छात्राओं के मानक के अनुरूप बैठने की व्यवस्था नहीं हैं तो कहीं पानी, बिजली, अग्निशमन व शौचालय आदि के इंतजाम नहीं हैं। सरकारी शिक्षक स्कूल टाइम में कोचिंग संचालित कर रहे हैं। इन सब पर जल्द ही शिकंजा कसने की तैयारी है। जिला विद्यालय निरीक्षक विजय पाल सिंह ने अनाधिकृत रूप से संचालित कोचिंग संस्थानों पर अंकुश लगाने के लिए चार नोडल अधिकारी नामित किए हैं। राजकीय इंटर कॉलेज बांदा के उप प्रधानाचार्य अखिलेश कुमार दीक्षित नगर क्षेत्र व बड़ोखर खुर्द ब्लाक की निगरानी करेंगे। जीआईसी पैलानी प्रधानाचार्य रावेंद्र सिंह तिंदवारी व जसपुरा ब्लाक में कोचिंग सेंटरों की जांच करेंगे। जीआईसी ओरन के प्रधानाचार्य अजय प्रकाश व जीआईसी बीरा के प्रभारी प्रधानाचार्य लवकुश मिश्रा बबेरू, कमासिन व सिंडा ब्लाक खंगालेंगे।
विज्ञापन

राजकीय हाईस्कूल गुमाई प्रधानाचार्य शिवेंद्र प्रताप सिंह व राजकीय हाईस्कूल पौहार के सहायक अध्यापक महेश्वरी प्रसाद अतर्रा,नरैनी व महुआ ब्लाक के कोचिंग सेंटरों के मानकों की जांच करेंगे। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों से निर्धारित प्रारूप पर कोचिंग सेंटर का नाम, पंजीकरण की स्थिति, कोचिंग चला रहे सरकारी शिक्षक का नाम संस्थान तथा कोचिंग सेंटरों में अग्निशमन, पानी, बिजली, शौचालय, बच्चों के बैठने की व्यवस्था आदि की जानकारी देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा है कि विद्यालय अवधि के पहले व बाद नोडल अधिकारी अपने क्षेत्र के संचालित कोचिंग सेंटरों की जांच करेंगे। 15 दिन में निर्धारित प्रारूप पर आख्या देंगे। इसके बाद वह खुद क्रॉस चेकिंग करेंगे। उन्होंने कहा है कि 16 वर्ष से कम आयु व कक्षा दसवीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए कोचिंग प्रतिबंधित है। सेंटरों में यदि इस उम्र के बच्चे पढ़ते मिले तो कोचिंग संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed