फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   State BJP leaders protest came on the backfoot

भाजपा नेताओं के विरोध पर बैकफुट पर आए प्रदेशाध्यक्ष

Sat, 17 Oct 2015 11:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Sat, 17 Oct 2015 11:41 PM IST
विज्ञापन

बांदा। भाजपा जिलाध्यक्ष की पत्नी के विरुद्ध जिला

विज्ञापन
पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने वाली महिला प्रत्याशी के परिवार को भाजपा से जोड़ने की मंशा से आए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को यहां के भाजपा नेताओं के विरोध का सामना करना पड़ा।

मामले की नजाकत भांपकर प्रदेशाध्यक्ष महिला प्रत्याशी के यहां हो रहे धार्मिक आयोजन में शामिल होने से भी कन्नी काट गए। डीडीसी के वार्ड-18 (महुआ प्रथम) से भाजपा जिलाध्यक्ष बालमुकुंद शुक्ला की पत्नी श्रवण कुमारी भाजपा समर्थित प्रत्याशी हैं। इसी वार्ड से छिबांव (खुरहंड) गांव की एक महिला निर्दलीय प्रत्याशी हैं।

उनके पति बालू कारोबारी हैं। ससुर भी क्षेत्र में अपना रसूख रखते हैं। वार्ड-18 का मतदान पहले चरण में हो चुका है। मतदान के अगले ही दिन भाजपा जिलाध्यक्ष ने प्रेस कांफ्रेंस में अपनी पत्नी के विरुद्ध चुनाव लड़ रही प्रत्याशी के परिजनों पर दबंगई, फर्जी वोटिंग, पैसा और शराब बांटने के आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की थी।

16 अक्तूबर से निर्दलीय प्रत्याशी के ससुर और परिजन छिबांव (खुरहंड रेलवे स्टेशन) में रामचरित मानस कथा ज्ञान यज्ञ करा रहे हैं। यह 26 अक्तूबर तक चलेगा। शुक्रवार (16 अक्तूबर) को अचानक बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी बांदा आ गए।

उन्हें खुरहंड में हो रहे कथा ज्ञान यज्ञ में शामिल होना था। इसकी भनक यहां के भाजपा नेताओं को लग गई। भाजपा जिला कार्यालय आए प्रदेशाध्यक्ष के समक्ष स्थानीय भाजपा नेताओं ने निर्दलीय प्रत्याशी के परिजनों द्वारा भाजपा प्रत्याशी के विरुद्ध किए गए प्रचार और उनके कई और कारनामे का खुलासा कर प्रदेशाध्यक्ष के सामने जमकर विरोध जताया।

भाजपा नेताओं को लग रहा था कि निर्दलीय प्रत्याशी के परिजन खासतौर पर ससुर भाजपा में शामिल होने की जुगत में हैं। इस कारण स्थानीय भाजपा नेताओं ने और भी ज्यादा विरोध जताया। कुछ नेताओं ने तो पार्टी छोड़ने तक की धमकी दे डाली।

बताते हैं कि भाजपा के संगठन मंत्री रत्नाकर ने स्थानीय भाजपा नेताओं की भावनाओं को समझते हुए प्रदेशाध्यक्ष से बातचीत की। अंतत: प्रदेशाध्यक्ष मामले की नजाकत भांप बैक फुट पर आ गए और खुरहंड जाने अथवा निर्दलीय प्रत्याशी के परिवार के किसी सदस्य को भाजपा में शामिल कराने का इरादा त्याग दिया।

उधर, इस बारे में कोई भी भाजपा नेता खुलकर कुछ कहने से कतरा रहा है। जिलाध्यक्ष बालमुकुंद शुक्ला ने सिर्फ इतना कहा कि प्रदेशाध्यक्ष पंचायत चुनाव की समीक्षा करने आए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed