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Banda News: इमरजेंसी के काउंटर से नदारद कर्मचारी, मरीज भटकने को मजबूर
Sat, 28 Feb 2026 12:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 28 Feb 2026 12:12 AM IST
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फोटो- 10 पर्चा बनवाने के लिए काउंटर पर खड़ा तीमारदार, कर्मचारी नदारद। संवाद
बांदा। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि गंभीर मरीजों को भी समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। पर्चा बनाने वाले कर्मचारी नियमित रूप से काउंटर पर मौजूद नहीं रहते, जिससे मरीजों और तीमारदारों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। इमरजेंसी जैसे संवेदनशील विभाग में यह लापरवाही कभी भी जानलेवा साबित हो सकती है।
ताजा मामला खप्टिहाकलां निवासी देवी दयाल का है, जो अपने तीन वर्षीय बच्चे को गंभीर हालत में लेकर इमरजेंसी पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि काफी देर तक पर्चा काउंटर पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। बच्चे की हालत बिगड़ती रही और परिजन अस्पताल परिसर में कर्मचारी को तलाशते रहे। काफी देर बाद कर्मचारी के आने पर पर्चा बना और तब जाकर इलाज शुरू हो सका। तीमारदारों का कहना है कि यह कोई एक दिन की समस्या नहीं है। आए दिन इमरजेंसी में कर्मचारी काउंटर छोड़कर इधर-उधर घूमते नजर आते हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों का समय पर पंजीकरण नहीं हो पाता और इलाज में देरी होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इमरजेंसी विभाग में 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित की जानी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस ओर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि किसी की जान सिर्फ लापरवाही के कारण खतरे में न पड़े। मरीजों और उनके परिजनों ने जिम्मेदार अधिकारियों से व्यवस्था में सुधार की मांग की है। वहीं सीएमओ विजेंद्र कुमार ने कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की जांच कराकर लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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ताजा मामला खप्टिहाकलां निवासी देवी दयाल का है, जो अपने तीन वर्षीय बच्चे को गंभीर हालत में लेकर इमरजेंसी पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि काफी देर तक पर्चा काउंटर पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। बच्चे की हालत बिगड़ती रही और परिजन अस्पताल परिसर में कर्मचारी को तलाशते रहे। काफी देर बाद कर्मचारी के आने पर पर्चा बना और तब जाकर इलाज शुरू हो सका। तीमारदारों का कहना है कि यह कोई एक दिन की समस्या नहीं है। आए दिन इमरजेंसी में कर्मचारी काउंटर छोड़कर इधर-उधर घूमते नजर आते हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों का समय पर पंजीकरण नहीं हो पाता और इलाज में देरी होती है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि इमरजेंसी विभाग में 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित की जानी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस ओर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि किसी की जान सिर्फ लापरवाही के कारण खतरे में न पड़े। मरीजों और उनके परिजनों ने जिम्मेदार अधिकारियों से व्यवस्था में सुधार की मांग की है। वहीं सीएमओ विजेंद्र कुमार ने कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की जांच कराकर लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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