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सपा ने प्रदर्शन कर राज्यपाल को ज्ञापन भेजा
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SP demonstrated and sent memorandum to Governor
- फोटो : BANDA
बांदा। कानून व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर प्रदेश सरकार को घेरने की कोशिश में जुटी सपा इस माह दूसरी बार सोमवार को फिर सड़कों पर उतरी। मंडल मुख्यालय पर प्रदर्शन के बाद राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। जबरदस्त पुलिस व्यवस्था के बीच सपा नेताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में राज्यपाल से अनुरोध किया कि वे अपने संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करें।
सपा नेताओं का जत्था झंडे और नारों के बीच पार्टी कार्यालय से कलक्ट्रेट आया। इसी माह के शुरू में सपा के प्रदर्शन के दौरान लाठी चार्ज और बवाल को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कलक्ट्रेट परिसर के इर्दगिर्द तगड़ी पुलिस व्यवस्था कर रखी थी। बैरीकेडिंग लगाकर सपा नेताओं को कलक्ट्रेट परिसर में दाखिल न होने देने का इंतजाम किया गया था।
कलक्ट्रेट के बाहर ही सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह ने आकर सपा नेताओं से तीन मांगों वाला ज्ञापन लिया। ज्ञापन में राज्यपाल को बताया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद गंभीर है। सरकार विफल है। अपराधी बेलगाम हैं। महिलाएं और जनजीवन असुरक्षित है। ज्ञापन में प्रदेश के कई जिलों सहित बांदा के खम्हौरा, नगनेधी आदि गांवों की घटनाओं का हवाला दिया।
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प्रदर्शन और ज्ञापन में जिलाध्यक्ष विजय करन यादव, पूर्व विधायक विशंभर सिंह यादव, अशोक सिंह गौर, ओमनारायण त्रिपाठी विदित, मुशीर अहमद फारुकी, निर्भय सिंह मोंटी, राजेंद्र यादव, मुलायम सिंह यादव, सुशील त्रिवेदी, पीयूष गुप्ता, वृंदावन वैश्य, मनोज वर्मा, प्रियांशू गुप्ता, अशोक श्रीवास, यूसुफ मंसूरी, भरतलाल दिवाकर, अमित सेठ भोलू, अनुपम लौहवंशी, सुरेंद्र मिश्रा पप्पू, मोहम्मद हनीफ, सत्यनारायण सोनकर, अमोल यादव, शेखर शर्मा, द्वारिका प्रसाद यादव, अनुज यादव, अजय चौहान दादा इत्यादि शामिल रहे।
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सपा नेताओं का जत्था झंडे और नारों के बीच पार्टी कार्यालय से कलक्ट्रेट आया। इसी माह के शुरू में सपा के प्रदर्शन के दौरान लाठी चार्ज और बवाल को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कलक्ट्रेट परिसर के इर्दगिर्द तगड़ी पुलिस व्यवस्था कर रखी थी। बैरीकेडिंग लगाकर सपा नेताओं को कलक्ट्रेट परिसर में दाखिल न होने देने का इंतजाम किया गया था।
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कलक्ट्रेट के बाहर ही सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह ने आकर सपा नेताओं से तीन मांगों वाला ज्ञापन लिया। ज्ञापन में राज्यपाल को बताया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद गंभीर है। सरकार विफल है। अपराधी बेलगाम हैं। महिलाएं और जनजीवन असुरक्षित है। ज्ञापन में प्रदेश के कई जिलों सहित बांदा के खम्हौरा, नगनेधी आदि गांवों की घटनाओं का हवाला दिया।
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प्रदर्शन और ज्ञापन में जिलाध्यक्ष विजय करन यादव, पूर्व विधायक विशंभर सिंह यादव, अशोक सिंह गौर, ओमनारायण त्रिपाठी विदित, मुशीर अहमद फारुकी, निर्भय सिंह मोंटी, राजेंद्र यादव, मुलायम सिंह यादव, सुशील त्रिवेदी, पीयूष गुप्ता, वृंदावन वैश्य, मनोज वर्मा, प्रियांशू गुप्ता, अशोक श्रीवास, यूसुफ मंसूरी, भरतलाल दिवाकर, अमित सेठ भोलू, अनुपम लौहवंशी, सुरेंद्र मिश्रा पप्पू, मोहम्मद हनीफ, सत्यनारायण सोनकर, अमोल यादव, शेखर शर्मा, द्वारिका प्रसाद यादव, अनुज यादव, अजय चौहान दादा इत्यादि शामिल रहे।