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असंगठित श्रमिकों के लिए सुरक्षा योजना पोर्टल शुरू
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बांदा। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए शुक्रवार को सामाजिक सुरक्षा पोर्टल की शुरुआत हो गई। इसमें 45 प्रकार के कामगारों को शामिल किया गया है। श्रमिक को महज 10 रुपये वार्षिक अंशदान पर दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता पर आश्रित को दो लाख रुपये की मदद दी जाएगी। उसे मुख्यमंत्री आरोग्य योजना का भी लाभ मिलेगा।
चित्रकूटधाम मंडल के उप श्रमायुक्त राजीव कुमार सिंह की अध्यक्षता में श्रम कार्यालय में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की बैठक हुई। उप श्रमायुक्त ने बताया कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए सामाजिक सुरक्षा पोर्टल शुरू किया गया है।
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों में माली, नाई, मोची, बुनकर, जुलाहा, रिक्शा चालक, कूड़ा बीनने, कैटरिंग, गैरेज, परिवहन कर्मकार, सब्जी, फल, फूल विक्रेता, चाय, गाड़ीवान, कुटीर उद्योग कर्मकार, खेतिहर, चरवाहा, चिकन कार्य, मीटशॉप, चूड़ी कार्य, डेयरी, पत्र वितरक सहित 45 प्रकार के कामगार शामिल हैं।
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जनसेवा केंद्र व कार्यालय से ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। इसमें श्रमिक को पंजीकरण शुल्क 60 रुपये व हर साल 10 रुपये पांच साल तक अंशदान देना होगा। योजना के तहत श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु होने व दिव्यांगता पर दो लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
साथ ही श्रमिक को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पंजीकृत कामगारों को पांच लाख रुपये तक नि:शुल्क कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। सहायक श्रमायुक्त रवीश गुप्ता, श्रम प्रवर्तन अधिकारी शिवाकांत वर्मा, सहायक लेखाकार शादाब रशीद, सहायक लेखाकार आदि मौजूद रहे।
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चित्रकूटधाम मंडल के उप श्रमायुक्त राजीव कुमार सिंह की अध्यक्षता में श्रम कार्यालय में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की बैठक हुई। उप श्रमायुक्त ने बताया कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए सामाजिक सुरक्षा पोर्टल शुरू किया गया है।
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असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों में माली, नाई, मोची, बुनकर, जुलाहा, रिक्शा चालक, कूड़ा बीनने, कैटरिंग, गैरेज, परिवहन कर्मकार, सब्जी, फल, फूल विक्रेता, चाय, गाड़ीवान, कुटीर उद्योग कर्मकार, खेतिहर, चरवाहा, चिकन कार्य, मीटशॉप, चूड़ी कार्य, डेयरी, पत्र वितरक सहित 45 प्रकार के कामगार शामिल हैं।
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जनसेवा केंद्र व कार्यालय से ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। इसमें श्रमिक को पंजीकरण शुल्क 60 रुपये व हर साल 10 रुपये पांच साल तक अंशदान देना होगा। योजना के तहत श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु होने व दिव्यांगता पर दो लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
साथ ही श्रमिक को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पंजीकृत कामगारों को पांच लाख रुपये तक नि:शुल्क कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। सहायक श्रमायुक्त रवीश गुप्ता, श्रम प्रवर्तन अधिकारी शिवाकांत वर्मा, सहायक लेखाकार शादाब रशीद, सहायक लेखाकार आदि मौजूद रहे।