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Banda News: पेयजल के लिए ग्रामीण जल सत्याग्रह पर बैठे
Sat, 19 Sep 2026 10:47 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 19 Sep 2026 10:47 PM IST
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फोटो-11- बदौसा में नेशनल हाईवे पर जल सत्याग्रह पर बैठे तीन गांवों के लोग। संवाद
बदौसा। पेयजल संकट से जूझ रहे बदौसा के नदी टोला समेत बरछा (ब), दुबरिया और बदौसा ग्राम पंचायतों के ग्रामीण शनिवार को एनएच-35 के किनारे जल सत्याग्रह पर बैठ गए।
ग्रामीणों ने बताया कि एक सप्ताह पहले एसडीएम ने 24 घंटे में पानी की व्यवस्था का आश्वासन दिया था लेकिन यह समस्या अभी तक हल नहीं हुई है।
तेज धूप में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष खाली बर्तन लेकर धरने पर बैठे। प्रदर्शन स्थल पर जिलाधिकारी और एसडीएम के खिलाफ पानी दो-पानी दो के नारे लगाए गए। ग्रामीणों के अनुसार भूगर्भ जल वर्षों से खारा है।
पीने के पानी के लिए लोग दूसरे स्रोतों पर निर्भर हैं। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद स्थायी पेयजल व्यवस्था नहीं की गई। पानी की किल्लत के कारण कई परिवार नदी के पानी का सहारा लेने को मजबूर हैं।
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ग्रामीणों ने तत्काल टैंकर उपलब्ध कराने, स्वच्छ जलापूर्ति की भी मांग उठाई। जल जीवन मिशन समेत अन्य पेयजल योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की गई। जल सत्याग्रह में ब्लॉक बनाओ संघर्ष समिति के संयोजक प्राणनाथ सोनकर और दुबरिया प्रधान अजीजुल हक समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक नियमित पेयजल व्यवस्था नहीं होती, उनका जल सत्याग्रह जारी रहेगा।
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ग्रामीणों ने बताया कि एक सप्ताह पहले एसडीएम ने 24 घंटे में पानी की व्यवस्था का आश्वासन दिया था लेकिन यह समस्या अभी तक हल नहीं हुई है।
तेज धूप में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष खाली बर्तन लेकर धरने पर बैठे। प्रदर्शन स्थल पर जिलाधिकारी और एसडीएम के खिलाफ पानी दो-पानी दो के नारे लगाए गए। ग्रामीणों के अनुसार भूगर्भ जल वर्षों से खारा है।
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पीने के पानी के लिए लोग दूसरे स्रोतों पर निर्भर हैं। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद स्थायी पेयजल व्यवस्था नहीं की गई। पानी की किल्लत के कारण कई परिवार नदी के पानी का सहारा लेने को मजबूर हैं।
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ग्रामीणों ने तत्काल टैंकर उपलब्ध कराने, स्वच्छ जलापूर्ति की भी मांग उठाई। जल जीवन मिशन समेत अन्य पेयजल योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की गई। जल सत्याग्रह में ब्लॉक बनाओ संघर्ष समिति के संयोजक प्राणनाथ सोनकर और दुबरिया प्रधान अजीजुल हक समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक नियमित पेयजल व्यवस्था नहीं होती, उनका जल सत्याग्रह जारी रहेगा।