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Banda News: गैर इरादतन हत्या में बहन और तीन भाइयों को सात वर्ष कैद
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बांदा। वर्ष 2018 के नवंबर माह में दुकान जा रहे युवक को रास्ते में गांव के तीन व्यक्तियों और उसकी बहन ने रोककर लाठी-डंडा से वार कर मरणासन्न कर दिया था। कानपुर लेकर जाते समय उसकी मौत हो गई थी। मामले में कोर्ट ने दोषी बहन और उसके तीन सगे भाइयों को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया। इसके साथ ही 11-11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भोगनी होगी।
तिंदवारी थाना क्षेत्र के पचासा डेरा जौहरपुर निवासी संतोष निषाद पुत्र रामधनी ने 18 नवंबर 2018 को प्राथमिकी दर्ज कराई कि 15 नवंबर 2018 को रात 10 बजे उसका बड़ा भाई शिवकरन निषाद अपने घर से लंबरी की दुकान समान लेने जा रहा था। तभी रास्ते में में गांव के रामसुफल, बुद्धा उर्फ बुद्धराज व मुन्नीलाल अपनी बहन सुमित्रा के साथ एकराय होकर उसके भाई को घेर लिया। विरोध करने और सुमित्रा के उकसाने पर तीनो भाइयों ने शिवकरन पर लाठी-डंडा व कुल्हाड़ी से वार कर लहूलुहान कर दिया। शिवकरन मौके पर ही अचेत हो गया। हमलावर मौके से भाग गए थे।
चीख-पुकार सुनकर वादी के सगे संबंधी लाला व रामप्यारी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। घायल भाई को जिला अस्पताल भेजा गया। 17 नवंबर 2018 को मेडिकल कालेज रेफर किया गया। वहां से उपचार के बाद कानपुर रेफर कर दिया गया। कानपुर ले जाते समय मौत हो गई। इस मामले का आरोप पत्र सभी के विरुद्ध अदालत में 11 सितंबर 2019 को पेश किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. बब्बू सारंग की अदालत ने दोषी पाते हुए रामसुफल, बुद्धा उर्फ बुद्धराज, मुन्नीलाल समेत उनकी बहन सुमित्रा सात-सात वर्ष की सजा से दंडित किया।
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तिंदवारी थाना क्षेत्र के पचासा डेरा जौहरपुर निवासी संतोष निषाद पुत्र रामधनी ने 18 नवंबर 2018 को प्राथमिकी दर्ज कराई कि 15 नवंबर 2018 को रात 10 बजे उसका बड़ा भाई शिवकरन निषाद अपने घर से लंबरी की दुकान समान लेने जा रहा था। तभी रास्ते में में गांव के रामसुफल, बुद्धा उर्फ बुद्धराज व मुन्नीलाल अपनी बहन सुमित्रा के साथ एकराय होकर उसके भाई को घेर लिया। विरोध करने और सुमित्रा के उकसाने पर तीनो भाइयों ने शिवकरन पर लाठी-डंडा व कुल्हाड़ी से वार कर लहूलुहान कर दिया। शिवकरन मौके पर ही अचेत हो गया। हमलावर मौके से भाग गए थे।
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चीख-पुकार सुनकर वादी के सगे संबंधी लाला व रामप्यारी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। घायल भाई को जिला अस्पताल भेजा गया। 17 नवंबर 2018 को मेडिकल कालेज रेफर किया गया। वहां से उपचार के बाद कानपुर रेफर कर दिया गया। कानपुर ले जाते समय मौत हो गई। इस मामले का आरोप पत्र सभी के विरुद्ध अदालत में 11 सितंबर 2019 को पेश किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. बब्बू सारंग की अदालत ने दोषी पाते हुए रामसुफल, बुद्धा उर्फ बुद्धराज, मुन्नीलाल समेत उनकी बहन सुमित्रा सात-सात वर्ष की सजा से दंडित किया।
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