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दलहनी फसलों के बीज के दाम तय
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 19 Jun 2015 12:19 AM IST
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कृषि निदेशालय ने खरीफ की फसल के लिए प्रमाणित और अनुदान आधारित बीज में अनुदान के साथ नए मूल्य निर्धारित कर दिए हैं। इसमें राज्य के अलावा केंद्र से भी अनुदान मिलेगा। बुंदेलखंड के लिए शासन ने तिल बीज में 8 हजार रुपये की अतिरिक्त छूट का प्रावधान किया है। ब्लाकों पर स्थित बीज केंद्र पर अरहर, मूंग, धान, उड़द आदि फसलों के लिए 1143 क्विंटल बीज मंगाया गया है।
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मंडल में एक बारिश होने के बाद किसान खरीफ की की तैयारियों में जुट गए। धान की बेड़ डालने के अलावा अरहर, उड़द, मूंग आदि बोने के लिए बीज की तलाश है। शासन से खरीफ के लिए पर्याप्त बीज आ गया है। धान पंत-12 423.50 क्विंटल, बरातीदीप 50.90 क्विंटल, सुस्त सम्राट 93.30 क्विंटल, बीपीटी प्रजाति के धान का बीज 2312.30 क्विंटल उपलब्ध है।
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उड़द में आजाद 50.90 क्विंटल, शेखर-3 6.40 क्विंटल व मूंग का बीज 57 क्विंटल उपलब्ध है। इसमें एचयूएस-16 12.30 क्विंटल, के-851 प्रजाति 6.60 क्विंटल, आईपीएम-2 मूंग 50.2 क्विंटल है। अरहर में नरेंद्र-2 प्रजाति 60 क्विंटल, तिल में आरटी-348 प्रजाति 20.12 क्विंटल और शेखर 50 क्विंटल है। सोयाबीन में पीएस-1225 प्रजाति 30 क्विंटल बीज केंद्र पर मंगाया गया है।
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मक्का, ज्वार व बाजरा का 10-10 क्विंटल बीज इसी सप्ताह आ जाएगा। उधर, कृषि वैज्ञानिक डा. मुलायम सिंह परिहार ने बताया कि बुंदेलखंड की मिट्टी व मौजूद सिंचाई संसाधनों के आधार पर यहां धान में वरानीदीप और सुस्त सम्राट की प्रजाति उचित हैं। किसान इसी का चयन करें। इसमें पानी व समय कम लगता है।
सिर्फ 12,138 किसानों का पंजीयन
बांदा। शासन ने बीज व कृषि यंत्रों का अनुदान सीधे किसानों के खातों में भेजने का प्रावधान किया है। उप कृषि निदेशक उमेशचंद्र कटियार ने बताया कि बुंदेलखंड में धान व अन्य खरीफ की फसलें 15 जून के बाद ही बोई जाती हैं। बीज व कृषि यंत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन 15 जून होना था।
जिले के कुल 2.75 लाख किसानों में सिर्फ 12,138 ने ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया। जो किसान रजिस्ट्रेशन नहीं करा सके वे दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने डीएम से ऑनलाइन आवेदन के लिए और मौका देने का अनुरोध किया है।