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गेहूं का घटिया बीज देकर ठगा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 20 Jun 2015 12:25 AM IST
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कई साल से मौसम की मार से फसल गंवाने वाले किसानों को बीज आपूर्ति करने वाली कंपनी भी ठगने से नहीं चूकी। कंपनी ने बांदा और चित्रकूट जनपदों के किसानों को 1639 क्विंटल गेहूं का बीज घटिया थमा दिया। पैदावार कमजोर होने के बाद किसानों की शिकायत पर प्रदेश के कृषि निदेशक ने पीसीएफ को बीज आपूर्ति करने वाली फर्म को काली सूची में डालने का आदेश दिया है। साथ ही कहा है कि पीसीएफ बीज कंपनी से किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाए।
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पिछले वर्ष बांदा की 36 सहकारी समितियों के जरिए किसानों ने 949 क्विंटल 60 किलो पीबीडब्ल्यू 550 प्रमाणित बीज खरीदा था। इसी तरह चित्रकूट जनपद के किसानों ने 29 सहकारी समितियों से 690 क्विंटल पीबीडब्ल्यू 550 गेहूं के बीज की खरीद की थी।
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बुआई के बाद पता चला कि यह बीज घटिया (अमानक) है और किसान इसमें छले गए। पैदावार नाम मात्र को इुई। पिछले दिनों किसानों की शिकायत पर जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव ने प्रदेश के कृषि निदेशक एके विश्नोई लखनऊ को पत्र भेजकर घटिया गेहूं दिए जाने की जानकारी देने के साथ ही गेहूं आपूर्ति करने वाली फर्म को काली सूची मेें डालने की सिफारिश की थी।
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कृषि निदेशक ने इसकी जांच कराई। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारी समितियां, बांदा द्वारा कराई गई जांच में पीबीडब्ल्यू-550 गेहूं बीज में 10 प्रतिशत अन्य प्रजापति के बीज मिले पाए गए। इसके अलावा करनाल बंट रोग से ग्रसित बीज, जौ एवं बाकला और मिट्टी के बड़े-बड़े कणों की भी मिलावट पाई गई।
इसके बाद कृषि निदेशक ने पीसीएफ को पत्र जारी किया कि उक्त बीज आपूर्ति करने वाली फर्म को काली सूची में डालें और किसानों को हर्जाना दिलाएं, ताकि विभागीय छवि धूमिल होने से बचें। दरअसल बीज का वितरण कोआपरेटिव सोसाइटियों के द्वारा किया गया था। जिसे आपूर्ति पीसीएफ ने दी थी।
बृहस्पतिवार (18 जून) को बांद डिस्ट्रिक कोआपरेटिव बैंक अध्यक्ष गौरव यादव ने यूपी कोआपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड, लखनऊ के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर कृषि निदेशक के पत्र का हवाला देते हुए बांदा और चित्रकूट के किसानों को क्षतिपूर्ति का पैसा शीघ्र भुगतान करने को कहा है।
अध्यक्ष ने बताया कि गेहूं का यह बीज पीसीएफ ने कृषि विभाग का आपूर्ति किया था। कृषि विभाग ने सहकारी समितियों को दिया है। किसानों ने लगभग 1600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद की है। दोनों जिलों के किसानों द्वारा खरीदे गए बीज की कुल रकम 2 करोड़ 62 लाख 24 हजार रुपये है।
बांदा जनपद की सहकारी समितियां जिन्होंने पीबीडब्ल्यू-550 प्रजापति का गेहूं बीज खरीदा- महुआ, गोखिया, पनगरा, गिरवां, नहरी, नरैनी, कमासिन, सुनहुली, साड़ासानी, बिसंडा, तिंदवारी, पलरा, पपरेंदा, पखरौली, अतर्रा, डढ़वा मानपुर, पौहार, बदौसा, खुरहंड, चिल्ला, जौरही, मुरवल, बबेरू, भदेहद,ू ओरन, करौहुली, बिलगांव, रामपुर, कमासिन।
चित्रकूट जनपद की सहकारी समितियां जिन्होंने पीबीडब्ल्यू-550 गेहूं बीज खरीदा- पहाड़ी, शिवरामपुर, इटखरी, घुरेहटनपुर, रसिन, कर्वी, बरगढ़, गाहुर, पूरब पताई, गियाबल, मऊ, रामनगर, रामपुर बांधी, रैपुरा, छीबो, नांदिन कुर्मेयान, चकौंछ, हरदौली, भदेहदू, बरद्वारा, बिहरवां, सरदुआ, लोहदा, खोई, भारतपुर, मानिकपुर, सइयां।