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होली पर घर पहुंचने में हो रही जेब खाली
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बांदा। होली में यात्रियों की संख्या में हुई भारी वृद्धि से ट्रेनों के बाद रोडवेज बसों में भी यात्रियों में मारामारी की स्थितियां हैं। उधर, प्राइवेट और डग्गामार वाहन इसका फायदा उठाकर यात्रियों की जेब खाली करने पर उतारू हैं। संबंधित विभाग चुप्पी साधे हुए हैं।
ट्रेनों में एक पखवारे पहले ही आरक्षण और सामान्य सीटें फुल हो चुकी हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में स्थिति और खराब है। जिन्हें ट्रेनों में सीट या आरक्षण नहीं मिला वह यात्री होली में घर जाने के लिए बसों का सहारा ले रहे हैं। लेकिन यहां भी उनका संकट बरकरार है।
परिवहन निगम मंडल मुख्यालय के डिपो में 80 विशेष बसें चलाने का दावा कर रहा है। लेकिन यह नाकाफी हैं। यात्रियों की संख्या कहीं ज्यादा है। घंटों इंतजार के बाद बस आते ही यात्रियों में सीट लेने के लिए मारामारी और धक्कामुक्की हो रही है। तमाम यात्री सीट न मिलने पर खड़े होकर सफर कर रहे हैं।
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उधर, प्राइवेट बसों व अन्य वाहनों में 10 फीसदी किराया बढ़ा दिया है। रोडवेज बसें न मिलने से यात्री मजबूरन बढ़ा किराया देकर यात्रा कर रहे हैं। मसलन अतर्रा का किराया 55 रुपये है। लेकिन प्राइवेट वाहन 65 से 70 रुपये तक ले रहे हैं। कमोवेश यही स्थिति अन्य मार्गों की भी है। रोडवेज के एआरएम परमानंद का कहना है कि उन्होंने 80 होली मेला स्पेशल बसें चलाई हैं। बसों के फेरे भी बढ़ाए गए। जरूरत पड़ी तो और बसें व फेरे बढ़ाए जाएंगे।
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ट्रेनों में एक पखवारे पहले ही आरक्षण और सामान्य सीटें फुल हो चुकी हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में स्थिति और खराब है। जिन्हें ट्रेनों में सीट या आरक्षण नहीं मिला वह यात्री होली में घर जाने के लिए बसों का सहारा ले रहे हैं। लेकिन यहां भी उनका संकट बरकरार है।
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परिवहन निगम मंडल मुख्यालय के डिपो में 80 विशेष बसें चलाने का दावा कर रहा है। लेकिन यह नाकाफी हैं। यात्रियों की संख्या कहीं ज्यादा है। घंटों इंतजार के बाद बस आते ही यात्रियों में सीट लेने के लिए मारामारी और धक्कामुक्की हो रही है। तमाम यात्री सीट न मिलने पर खड़े होकर सफर कर रहे हैं।
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उधर, प्राइवेट बसों व अन्य वाहनों में 10 फीसदी किराया बढ़ा दिया है। रोडवेज बसें न मिलने से यात्री मजबूरन बढ़ा किराया देकर यात्रा कर रहे हैं। मसलन अतर्रा का किराया 55 रुपये है। लेकिन प्राइवेट वाहन 65 से 70 रुपये तक ले रहे हैं। कमोवेश यही स्थिति अन्य मार्गों की भी है। रोडवेज के एआरएम परमानंद का कहना है कि उन्होंने 80 होली मेला स्पेशल बसें चलाई हैं। बसों के फेरे भी बढ़ाए गए। जरूरत पड़ी तो और बसें व फेरे बढ़ाए जाएंगे।