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ब्याज समेत रकम लौटाने को प्राधिकरण को नोटिस
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बांदा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने विकास प्राधिकरण को नोटिस जारी कर भूखंड क्रय के लिए दी गई धनराशि वादी को वापस करने के आदेश दिए हैं। शहर के आंबेडकर नगर निवासी दरबारी लाल ने 1995 में इंदिरा नगर स्थित भूखंड क्रय के लिए विकास प्राधिकरण में 92,833 रुपये जमा किए थे।
विकास प्राधिकरण ने जिस जमीन का बैनामा किया उस जमीन पर पहले से दूसरा काबिज था। दरबारी लाल ने प्राधिकरण से पैसा दिलाने के लिए प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया। आयोग ने निर्णय सुनाया कि विकास प्राधिकरण वादी से भूखंड क्रय के लिए लिया गया पैसा 12 फीसदी ब्याज दर पर दो माह के अंदर वापस करे। साथ ही आयोग ने वादी को मानसिक व शारीरिक क्षतिपूर्ति के लिए 5000 रुपये जुर्माना किया।
विकास प्राधिकरण ने आदेश के विरुद्ध राज्य आयोग में अपील की। फरवरी 2021 में राज्य आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के फैसले को बरकरार रखा। आयोग ने विकास प्राधिकरण को नोटिस जारी कर आदेश दिए कि वह राज्य आयोग के निर्णय का पालन करते हुए वादी को धनराशि अदा करे। ताकि 10 जुलाई को लोक अदालत में मामले का निस्तारण कराया जा सके। अन्यथा भू-राजस्व की भांति वसूली की जाएगी।
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विकास प्राधिकरण ने जिस जमीन का बैनामा किया उस जमीन पर पहले से दूसरा काबिज था। दरबारी लाल ने प्राधिकरण से पैसा दिलाने के लिए प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया। आयोग ने निर्णय सुनाया कि विकास प्राधिकरण वादी से भूखंड क्रय के लिए लिया गया पैसा 12 फीसदी ब्याज दर पर दो माह के अंदर वापस करे। साथ ही आयोग ने वादी को मानसिक व शारीरिक क्षतिपूर्ति के लिए 5000 रुपये जुर्माना किया।
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विकास प्राधिकरण ने आदेश के विरुद्ध राज्य आयोग में अपील की। फरवरी 2021 में राज्य आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के फैसले को बरकरार रखा। आयोग ने विकास प्राधिकरण को नोटिस जारी कर आदेश दिए कि वह राज्य आयोग के निर्णय का पालन करते हुए वादी को धनराशि अदा करे। ताकि 10 जुलाई को लोक अदालत में मामले का निस्तारण कराया जा सके। अन्यथा भू-राजस्व की भांति वसूली की जाएगी।
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