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Banda News: बस अड्डे पर भीड़ नियंत्रित करने को बुलानी पड़ी पुलिस
Fri, 28 Aug 2026 11:31 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 28 Aug 2026 11:31 PM IST
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फोटो-17- बस से यात्रियों को सुरक्षित उतारने प्रभारी निरीक्षक बलराम सिंह व अन्य पुलिसकर्मी। संवा
- फोटो : एकत्व सागर महाराज पक्ष द्वारा मंदिर परिसर में मोहित जैन सहित तीन लोगों के प्रवेश पर रोक संबंधी चस्पा पोस्टर को पुलिस की सख्ती के बाद हटाता व्यक्ति। स्रोतः पुलिस
बांदा। रक्षाबंधन के दिन रोडवेज बस स्टैंड पर ऐसी भीड़ उमड़ी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर पुलिस बल के साथ बस स्टैंड पहुंचे।
उन्होंने महिला पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों के जरिए बसों में आ रही महिलाओं, बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारने का प्रबंध किया। बात जब यात्रियों को बैठाने की आई तो यहां पुलिस प्रबंधन भी काम नहीं आया। भीड़ के दबाव के चलते लोगों को पुलिस ने जल्दी-जल्दी बसों में बैठाकर रवाना किया।
बांदा रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ सुबह कम थी लेकिन दोपहर बाद अचानक भीड़ बढ़नी शुरू हो गई। अनुमान लगाया गया कि मायके आने वाली महिलाओं के साथ आज ही वापस जाने वाली महिलाएं भी पर्व मनाने के बाद बस स्टैंड पहुंच रही है।
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उनके साथ उनके बच्चे व परिवारीजन भी हैं। ऐसे में भीड़ बढ़ गई। सीमित बसों की सुविधा होने के कारण बसों में बैठने की ऐसी आपा-धापी मची की अव्यवस्था फैलने लगी। ऐसे में पुलिस को बुलाया गया।
प्रभारी निरीक्षक बलराम सिंह, महिला उप निरीक्षक, महिला सिपाहियों व पुलिस बल के साथ बस स्टैंड पहुंचे। उन्होंने अलग-अलग रूटों से आने वाली बसों के यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए पुलिस बल का प्रयोग किया।
हालांकि जब बात यात्रियों को बैठाने की आई तो पुलिस बल का प्रयोग अधिक नहीं हो सका और भीड़ अपने तरीके से धक्का-मुक्की करते हुए बसों तक पहुंची।
उमस और भीड़ के दबाव में बेहोश हुई महिला
बांदा। रोडवेज बस स्टैंड में भारी भीड़ होने और बसों में यात्रियों के दबाव के चलते एक महिला रगौल निवासी सुशीला बस स्टैंड पर अचानक बेहोश हो गई। महिला के साथ कोई नहीं था और वह अपने मायके जा रही थी।
पुलिस बल ने तुरंत महिला को संभाला और उन्हें सहारा देकर पानी पिलाया। उनके भाई का नंबर लेकर उन्हें सूचना दी गई और पुलिस के साथ सुशीला को जिला अस्पताल भेजा गया। इसी तरह से एक अन्य बालिका भी बस से उतरने के बाद चक्कर खाकर गिर गई। हालांकि उसके साथ परिजन मौजूद थे। (संवाद)
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जलभराव और कीचड़ से हुई परेशानी
बांदा। बस स्टैंड पर सीमित बसों का बेड़ा होने के कारण यात्रियों को काफी दिक्कत हुई। इसके साथ ही बस स्टैंड के अंदर व बाहर जलभराव और कीचड़ ने भी यात्रियों को बहुत परेशान किया। जगह नहीं मिलने पर महिलाएं गंदे पानी के बीच से निकलने को मजबूर हुई। परिवहन निगम की ओर से परिसर को साफ-सुथरा रखने पर गंभीरता नहीं दिखाई गई। (संवाद)
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जाम न लगे इसलिए लगाए गए बैरियर
बांदा। बस स्टैंड पर यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए ई-रिक्शा चालक भी पहुंच रहे थे। ऐसे में यहां पर भीषण जाम की स्थिति बन रही थी। पुलिस ने तुरंत सदर तहसील के सामने बैरियर लगाकर ई-रिक्शा चालकों को नियंत्रित किया और बस स्टैंड की ओर नहीं जाने दिया। इससे काफी राहत रही। हालांकि बावजूद इसके भीड़ के कारण यातायात थोड़ी-थोड़ी देर में बाधित होता रहा। (संवाद)
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उन्होंने महिला पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों के जरिए बसों में आ रही महिलाओं, बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारने का प्रबंध किया। बात जब यात्रियों को बैठाने की आई तो यहां पुलिस प्रबंधन भी काम नहीं आया। भीड़ के दबाव के चलते लोगों को पुलिस ने जल्दी-जल्दी बसों में बैठाकर रवाना किया।
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बांदा रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ सुबह कम थी लेकिन दोपहर बाद अचानक भीड़ बढ़नी शुरू हो गई। अनुमान लगाया गया कि मायके आने वाली महिलाओं के साथ आज ही वापस जाने वाली महिलाएं भी पर्व मनाने के बाद बस स्टैंड पहुंच रही है।
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उनके साथ उनके बच्चे व परिवारीजन भी हैं। ऐसे में भीड़ बढ़ गई। सीमित बसों की सुविधा होने के कारण बसों में बैठने की ऐसी आपा-धापी मची की अव्यवस्था फैलने लगी। ऐसे में पुलिस को बुलाया गया।
प्रभारी निरीक्षक बलराम सिंह, महिला उप निरीक्षक, महिला सिपाहियों व पुलिस बल के साथ बस स्टैंड पहुंचे। उन्होंने अलग-अलग रूटों से आने वाली बसों के यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए पुलिस बल का प्रयोग किया।
हालांकि जब बात यात्रियों को बैठाने की आई तो पुलिस बल का प्रयोग अधिक नहीं हो सका और भीड़ अपने तरीके से धक्का-मुक्की करते हुए बसों तक पहुंची।
उमस और भीड़ के दबाव में बेहोश हुई महिला
बांदा। रोडवेज बस स्टैंड में भारी भीड़ होने और बसों में यात्रियों के दबाव के चलते एक महिला रगौल निवासी सुशीला बस स्टैंड पर अचानक बेहोश हो गई। महिला के साथ कोई नहीं था और वह अपने मायके जा रही थी।
पुलिस बल ने तुरंत महिला को संभाला और उन्हें सहारा देकर पानी पिलाया। उनके भाई का नंबर लेकर उन्हें सूचना दी गई और पुलिस के साथ सुशीला को जिला अस्पताल भेजा गया। इसी तरह से एक अन्य बालिका भी बस से उतरने के बाद चक्कर खाकर गिर गई। हालांकि उसके साथ परिजन मौजूद थे। (संवाद)
जलभराव और कीचड़ से हुई परेशानी
बांदा। बस स्टैंड पर सीमित बसों का बेड़ा होने के कारण यात्रियों को काफी दिक्कत हुई। इसके साथ ही बस स्टैंड के अंदर व बाहर जलभराव और कीचड़ ने भी यात्रियों को बहुत परेशान किया। जगह नहीं मिलने पर महिलाएं गंदे पानी के बीच से निकलने को मजबूर हुई। परिवहन निगम की ओर से परिसर को साफ-सुथरा रखने पर गंभीरता नहीं दिखाई गई। (संवाद)
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जाम न लगे इसलिए लगाए गए बैरियर
बांदा। बस स्टैंड पर यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए ई-रिक्शा चालक भी पहुंच रहे थे। ऐसे में यहां पर भीषण जाम की स्थिति बन रही थी। पुलिस ने तुरंत सदर तहसील के सामने बैरियर लगाकर ई-रिक्शा चालकों को नियंत्रित किया और बस स्टैंड की ओर नहीं जाने दिया। इससे काफी राहत रही। हालांकि बावजूद इसके भीड़ के कारण यातायात थोड़ी-थोड़ी देर में बाधित होता रहा। (संवाद)

फोटो-17- बस से यात्रियों को सुरक्षित उतारने प्रभारी निरीक्षक बलराम सिंह व अन्य पुलिसकर्मी। संवा- फोटो : एकत्व सागर महाराज पक्ष द्वारा मंदिर परिसर में मोहित जैन सहित तीन लोगों के प्रवेश पर रोक संबंधी चस्पा पोस्टर को पुलिस की सख्ती के बाद हटाता व्यक्ति। स्रोतः पुलिस

फोटो-17- बस से यात्रियों को सुरक्षित उतारने प्रभारी निरीक्षक बलराम सिंह व अन्य पुलिसकर्मी। संवा- फोटो : एकत्व सागर महाराज पक्ष द्वारा मंदिर परिसर में मोहित जैन सहित तीन लोगों के प्रवेश पर रोक संबंधी चस्पा पोस्टर को पुलिस की सख्ती के बाद हटाता व्यक्ति। स्रोतः पुलिस