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कृषि विश्वविद्यालय में हफ्ते भर से बत्ती गुल
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 19 Mar 2015 11:46 PM IST
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परीक्षा के ऐन मौके पर ट्र्रांसफार्मर फुंक जाने से कृषि विश्वविद्यालय में कई सैकड़ा छात्रों की पढ़ाई चौपट हो गई है। छात्रावास में रात को मोमबत्ती की रोशनी में परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों ने पावर कारपोरेशन की लापरवाही पर कड़ा रोष जताया है। उधर, महाविद्यालय प्रशासन भी बिजली बगैर हलाकान है।
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12 मार्च को सुबह बारिश और ओला से कृषि विश्वविद्यालय को बिजली आपूर्ति करने वाला 5 एमवीए का ट्रांसफार्मर फुंक गया। तब से पूरे महाविद्यालय की बत्ती गुल है। सबसे ज्यादा परेशानी यहां स्थित दो छात्रावासों में रह रहे छात्रों को है। सूरज डूबने के बाद उनकी पढ़ाई का सहारा मोमबत्तियां हैं।
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एक छात्रावास में 119 और और दूसरे छात्रावास में 102 छात्र हैं। छात्रों ने बताया कि हफ्ते भर से बिजली गुल है। 16 मार्च से उनकी परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। उधर, विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में भी बिजली नहीं है।
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बिजली के साथ ही पानी का संकट भी पैदा हो गया है। एक हफ्ते से जलापूर्ति ठप है। छात्र डेढ़ किलोमीटर दूर प्रशासनिक भवन से बोतलों में पानी ला रहे हैं।
‘कारपोरेशन अफसरों को दे चुके हैं सूचना’
कृषि विश्वविद्यालय कृषि प्रसार सहायक अध्यापक और मीडिया प्रभारी डॉ.बीके गुप्ता ने बताया कि फुंके ट्रांसफार्मर के बारे में पावर कारपोरेशन अभियंताओं को सूचना दी जा चुकी है।
बृहस्पतिवार को फिर फोन पर ट्रांसफार्मर बदलने का अनुरोध किया है। कारपोरेशन अभियंताओं ने शीघ्र ही ट्रांसफार्मर दुरुस्त करके आपूर्ति बहाल करने का भरोसा दिलाया है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल मवई ग्रामीण फीडर से विश्वविद्यालय को आपूर्ति मिल रही है। हाल ही में यहां दौरे पर आए कृषि शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र देकर स्वतंत्र फीडर बनाने का अनुरोध किया गया है।