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संग्रहालय की भूमि अवैध कब्जेदारों से मुक्त कराई
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बांदा। अतिक्रमण और अवैध कब्जों के लिए चर्चित और विवादित छत्रसाल संग्रहालय की भूमि के इर्द-गिर्द किया गया अतिक्रमण मंगलवार को प्रशासन ने हटवा दिया। सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में लट्ठ, बांस, बल्ली आदि की दुकानें तो ढहा दी गईं, लेकिन मैरिज हाल की तरफ प्रशासनिक अमले की निगाहें नहीं गईं।
शहर के शुतुरखाना में स्थित संग्रहालय की भूमि में अवैध कब्जों का प्रकरण काफी पुराना है। जानकार बताते हैं कि मात्र 10 रुपये के स्टांप में यहां की जमीन बेच दी गई। कब्जाधारियों के रसूख के आगे तमाम शिकायतें दरकिनार रहीं। छत्रसाल की जमीन अभिलेखों में कैसरे हिंद यानी नजूल भूमि के रूप में दर्ज है। इसकी खरीद फरोख्त नहीं हो सकती। इस भूमि पर अवैध रूप से लट्ठ, बांस, बल्ली की दुकानें, टेंट हाउस, मैरिज हाल आदि भी बन रहे हैं।
शहर निवासी अधिवक्ता आदित्य सिंह ने पुख्ता अभिलेखों के साथ इसकी शिकायत की थी। कहा कि यहां की बेची जा रही भूमि पूरी तरह गैरकानूनी और अवैध है। अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री और मंडलायुक्त से भी शिकायत की थी। मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट केशव नाथ गुप्ता विकास प्राधिकरण की टीम संग मौके पर पहुंचे और पुलिस की मौजूदगी में बांस-बल्ली आदि दुकानों का अतिक्रमण ढहवा दिया। इस दौरान नजदीक में बन रहे मैरिज हाल की तरफ अफसरों ने निगाहें नहीं गईं।
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शहर के शुतुरखाना में स्थित संग्रहालय की भूमि में अवैध कब्जों का प्रकरण काफी पुराना है। जानकार बताते हैं कि मात्र 10 रुपये के स्टांप में यहां की जमीन बेच दी गई। कब्जाधारियों के रसूख के आगे तमाम शिकायतें दरकिनार रहीं। छत्रसाल की जमीन अभिलेखों में कैसरे हिंद यानी नजूल भूमि के रूप में दर्ज है। इसकी खरीद फरोख्त नहीं हो सकती। इस भूमि पर अवैध रूप से लट्ठ, बांस, बल्ली की दुकानें, टेंट हाउस, मैरिज हाल आदि भी बन रहे हैं।
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शहर निवासी अधिवक्ता आदित्य सिंह ने पुख्ता अभिलेखों के साथ इसकी शिकायत की थी। कहा कि यहां की बेची जा रही भूमि पूरी तरह गैरकानूनी और अवैध है। अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री और मंडलायुक्त से भी शिकायत की थी। मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट केशव नाथ गुप्ता विकास प्राधिकरण की टीम संग मौके पर पहुंचे और पुलिस की मौजूदगी में बांस-बल्ली आदि दुकानों का अतिक्रमण ढहवा दिया। इस दौरान नजदीक में बन रहे मैरिज हाल की तरफ अफसरों ने निगाहें नहीं गईं।
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