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Banda News: संदिग्ध हालत में मां-बेटी ने खाया जहर, बेटी की मौत
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प्रियंका
- फोटो : संवाद
बांदा। नगर कोतवाली क्षेत्र के पड़ुई गांव में गुरुवार की देर रात मां-बेटी अचेत अवस्था में मिले। परिजन उन्हें ट्राॅमा सेंटर लेकर आए। जहां डॉक्टर ने बेटी को मृत घोषित कर दिया। मां की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के संबंध में परिवार वालों ने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया।
देवकुमारी (40) और बेटी प्रियंका (21) पड़ुई गांव में भाई प्रशांत के साथ रहती थीं। गुरुवार की रात खाना खाने के बाद मां और बेटी कमरे में सो गईं। इसी दौरान दोनों की हालत बिगड़ गई। प्रशांत की बांदा में कंप्यूटर की दुकान है। वह बांदा में ही रहता है। बृहस्पतिवार की रात उसने हालचाल लेने के लिए फोन किया तो कोई जवाब नहीं मिला। इस प्रशांत ने परिजनों को इसकी जानकारी दी।
परिजन वहां पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। इस पर दरवाजा तोड़ा गया तो दोनों अचेत पड़े थे। परिजन मां-बेटी को लेकर ट्राॅमा सेंटर पहुंचे। डॉक्टरों ने प्रियंका को मृत घोषित कर दिया। देवकुमारी का उपचार किया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। ट्राॅमा सेंटर ईएमओ डॉ. एसके मौर्य ने बताया कि भोजन में जहरीला पदार्थ खाने से हालत बिगड़ी है। वहीं, नगर कोतवाली प्रभारी पंकज सिंह का कहना है कि परिजनों के मुताबिक कमरे के अंदर सिगड़ी में आग जलाने से दम घुटने से मां-बेटी की हालत बिगड़ी है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हकीकत सामने आएगी।
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मायके में मिली ढाई बीघा जमीन
मामा कैलाश द्विवेदी ने बताया कि देवकुमारी बेटी प्रियंका के साथ पडु़ई मायके में ही रह रही थी। प्रियंका का भाई प्रशांत कमिश्नरी कैंपस के पास कंप्यूटर की दुकान है। इनके जीवन यापन के लिए मायके वालों ने ढाई बीघा जमीन दी है। घटना कैसे हुई, इस बारे में वह कुछ भी नहीं बता सके।
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देवकुमारी (40) और बेटी प्रियंका (21) पड़ुई गांव में भाई प्रशांत के साथ रहती थीं। गुरुवार की रात खाना खाने के बाद मां और बेटी कमरे में सो गईं। इसी दौरान दोनों की हालत बिगड़ गई। प्रशांत की बांदा में कंप्यूटर की दुकान है। वह बांदा में ही रहता है। बृहस्पतिवार की रात उसने हालचाल लेने के लिए फोन किया तो कोई जवाब नहीं मिला। इस प्रशांत ने परिजनों को इसकी जानकारी दी।
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परिजन वहां पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। इस पर दरवाजा तोड़ा गया तो दोनों अचेत पड़े थे। परिजन मां-बेटी को लेकर ट्राॅमा सेंटर पहुंचे। डॉक्टरों ने प्रियंका को मृत घोषित कर दिया। देवकुमारी का उपचार किया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। ट्राॅमा सेंटर ईएमओ डॉ. एसके मौर्य ने बताया कि भोजन में जहरीला पदार्थ खाने से हालत बिगड़ी है। वहीं, नगर कोतवाली प्रभारी पंकज सिंह का कहना है कि परिजनों के मुताबिक कमरे के अंदर सिगड़ी में आग जलाने से दम घुटने से मां-बेटी की हालत बिगड़ी है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हकीकत सामने आएगी।
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मायके में मिली ढाई बीघा जमीन
मामा कैलाश द्विवेदी ने बताया कि देवकुमारी बेटी प्रियंका के साथ पडु़ई मायके में ही रह रही थी। प्रियंका का भाई प्रशांत कमिश्नरी कैंपस के पास कंप्यूटर की दुकान है। इनके जीवन यापन के लिए मायके वालों ने ढाई बीघा जमीन दी है। घटना कैसे हुई, इस बारे में वह कुछ भी नहीं बता सके।

पीएचसी बल्ह टिक्कर भवन- फोटो : स्रोत:ग्रामीण

पीएचसी बल्ह टिक्कर भवन- फोटो : स्रोत:ग्रामीण

पीएचसी बल्ह टिक्कर भवन- फोटो : स्रोत:ग्रामीण