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छोटे भाई की हत्या के दोषी को सात वर्ष कैद
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बांदा। दो साल पहले जमीन के लिए छोटे भाई की हत्या करने के दोषी बड़े भाई को अपर जिला सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने बृहस्पतिवार को सात वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना न अदा करने पर एक माह और जेल में बिताना होगा।
घटना जसपुरा थाना क्षेत्र के कुंडाडोल (बहुंडरी) गांव की 10 अगस्त 2018 की थी। शासकीय अधिवक्ता देवदत्त मिश्रा ने बताया कि गांव के पंचा निषाद पुत्र रामनाथ ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पुत्र रामदेव निषाद दिन में करीब तीन बजे शराब पीकर घर आया और खेत का बंटवारा करने की जिद पर अड़ गया।
उसका कहना था कि उसे अपना कर्ज अदा करना है। इसी को लेकर रामदेव ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इस पर पिता को बचाने बड़ा भाई रामकेश आ गया। दोनों भाइयों में मारपीट हो गई। रामकेश ने रामदेव पर लाठी से प्रहार कर लहूलुहान कर दिया। अस्पताल ले जाने से पहले ही कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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पुलिस ने 15 सितंबर 2018 को रामकेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बताया कि पुलिस की चार्जशीट दाखिल होने के बाद अभियोजन की ओर से अदालत में पांच गवाह पेश किए गए।
लगभग दो वर्ष तक चली अदालती प्रक्रिया के बाद बृहस्पतिवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने रामकेश निषाद को धारा 304 में सात वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। हत्याभियुक्त अभी भी जेल में है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि जिला लीगल सर्विसेज के सचिव अभियुक्त के बच्चों को सीआरपीसी के तहत भरण पोषण की मदद कराएं।
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घटना जसपुरा थाना क्षेत्र के कुंडाडोल (बहुंडरी) गांव की 10 अगस्त 2018 की थी। शासकीय अधिवक्ता देवदत्त मिश्रा ने बताया कि गांव के पंचा निषाद पुत्र रामनाथ ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पुत्र रामदेव निषाद दिन में करीब तीन बजे शराब पीकर घर आया और खेत का बंटवारा करने की जिद पर अड़ गया।
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उसका कहना था कि उसे अपना कर्ज अदा करना है। इसी को लेकर रामदेव ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इस पर पिता को बचाने बड़ा भाई रामकेश आ गया। दोनों भाइयों में मारपीट हो गई। रामकेश ने रामदेव पर लाठी से प्रहार कर लहूलुहान कर दिया। अस्पताल ले जाने से पहले ही कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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पुलिस ने 15 सितंबर 2018 को रामकेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बताया कि पुलिस की चार्जशीट दाखिल होने के बाद अभियोजन की ओर से अदालत में पांच गवाह पेश किए गए।
लगभग दो वर्ष तक चली अदालती प्रक्रिया के बाद बृहस्पतिवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने रामकेश निषाद को धारा 304 में सात वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। हत्याभियुक्त अभी भी जेल में है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि जिला लीगल सर्विसेज के सचिव अभियुक्त के बच्चों को सीआरपीसी के तहत भरण पोषण की मदद कराएं।