{"_id":"5ee901068ebc3e42de7784d3","slug":"mineral-moharrir-now-transferred-after-surveyor-banda-news-knp5659009146","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्वेयर के बाद अब खनिज मोहर्रिर का तबादला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्वेयर के बाद अब खनिज मोहर्रिर का तबादला
विज्ञापन
बांदा। प्रदेश की भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशक डा.रोशन जैकब (आईएएस) ने जिला खनिज कार्यालय में अरसे से जमीं खनिज मोहर्रिर शन्नो देवी को भी हटा दिया है। उन्हें प्रशासनिक आधार पर कौशांबी कलक्ट्रेट भेजा गया है। पिछले हफ्ते यहां के खनिज सर्वेयर अशोक कुमार मौर्या को हटाकर निदेशालय भेजा जा चुका है।
अवैध खनन और ओवरलोडिंग आदि की लगातार हो रही शिकायतों और मीडिया की सुर्खियों के बीच खनिज निदेशक खुद कई बार यहां खदानों का निरीक्षण कर चुकी हैं। सोमवार (15 जून) को जारी आदेश में यहां खनिज (क्वैरी) कार्यालय में कार्यरत खनिज मोहर्रिर (लिपिक) शन्नो देवी को तत्काल प्रभाव से हटाकर उन्हें कौशांबी में जिलाधिकारी कार्यालय स्थानांतरित कर दिया है।
खनिज मोहर्रिर का तबादला प्रशासनिक आधार पर किया गया है। साथ ही निदेशक ने निदेशालय लखनऊ में कार्यरत खान पर्यवेक्षक अब्दुल गनी अंसारी को बांदा में नियुक्त किया है। इन दोनों कर्मियों को तत्काल अपनी नई तैनाती स्थल पर ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि शन्नो देवी यहां पिछले करीब पांच वर्षों से तैनात थीं। पिछले वर्ष उनका चित्रकूट के लिए तबादला हो गया था। कार्यमुक्त भी कर दिया गया था लेकिन बाद में कुछ घरेलू समस्या के चलते तबादला रुक गया।
विज्ञापन
अवैध खनन और ओवरलोडिंग आदि की लगातार हो रही शिकायतों और मीडिया की सुर्खियों के बीच खनिज निदेशक खुद कई बार यहां खदानों का निरीक्षण कर चुकी हैं। सोमवार (15 जून) को जारी आदेश में यहां खनिज (क्वैरी) कार्यालय में कार्यरत खनिज मोहर्रिर (लिपिक) शन्नो देवी को तत्काल प्रभाव से हटाकर उन्हें कौशांबी में जिलाधिकारी कार्यालय स्थानांतरित कर दिया है।
विज्ञापन
खनिज मोहर्रिर का तबादला प्रशासनिक आधार पर किया गया है। साथ ही निदेशक ने निदेशालय लखनऊ में कार्यरत खान पर्यवेक्षक अब्दुल गनी अंसारी को बांदा में नियुक्त किया है। इन दोनों कर्मियों को तत्काल अपनी नई तैनाती स्थल पर ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि शन्नो देवी यहां पिछले करीब पांच वर्षों से तैनात थीं। पिछले वर्ष उनका चित्रकूट के लिए तबादला हो गया था। कार्यमुक्त भी कर दिया गया था लेकिन बाद में कुछ घरेलू समस्या के चलते तबादला रुक गया।