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स्कंद माता के दर्शन को मंदिरों में जमघट
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mandiro me bhakto ka jamghat
- फोटो : BANDA
बांदा/खत्रीपहाड़। नवरात्र के पांचवें दिन श्रद्धालुुुओं ने स्कंद माता का पूजन-अर्चन किया। हालांकि कोरोना संक्रमण के कारण मंदिरों में अपेक्षा से कम भीड़ रही। दर्शनार्थियों को थर्मल स्क्रीनिंग, मास्क व सैनिटाइजर के बाद ही मंदिर में प्रवेश दिया गया। पांच से अधिक लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहा।
शहर की महेश्वरी देवी, काली देवी, सिंहवाहिनी, चौंसठ जोगिनी, मरही माता, कालका देवी, महामाई मंदिर में सुबह से जलाभिषेक व पूजा-अर्चना के लिए महिलाएं पहुंचीं। आयोजकों ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। थर्मल स्क्रीनिंग व मास्क पहनने के बाद एक-एक दर्शनार्थियों को प्रवेश दिया गया। पंचमी पर कन्या भोज की भी परंपरा है, लेकिन इस बार यह भी नहीं हो सका। मन्नत पूरी होने पर कुछ महिलाएं देवी गीत गाते हुए पेट के बल मंदिर पहुंची।
मंदिरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। मास्क न लगाने वालों पर जुर्माना किया गया। उधर, सिद्धिदात्री विंध्यवासिनी देवी खत्री पहाड़ में श्रद्धालुओं की खासी भीड़-भाड़ रही। सीमावर्ती जनपद पन्ना, सतना सहित कई प्रदेशों के लोग दर्शनों के लिए यहां आए। आयोजकों के एनाउंस के बाद भी लोगों ने न मास्क लगाया और न ही सोशल डिस्टेसिंग का पालन किया।
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शहर की महेश्वरी देवी, काली देवी, सिंहवाहिनी, चौंसठ जोगिनी, मरही माता, कालका देवी, महामाई मंदिर में सुबह से जलाभिषेक व पूजा-अर्चना के लिए महिलाएं पहुंचीं। आयोजकों ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। थर्मल स्क्रीनिंग व मास्क पहनने के बाद एक-एक दर्शनार्थियों को प्रवेश दिया गया। पंचमी पर कन्या भोज की भी परंपरा है, लेकिन इस बार यह भी नहीं हो सका। मन्नत पूरी होने पर कुछ महिलाएं देवी गीत गाते हुए पेट के बल मंदिर पहुंची।
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मंदिरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। मास्क न लगाने वालों पर जुर्माना किया गया। उधर, सिद्धिदात्री विंध्यवासिनी देवी खत्री पहाड़ में श्रद्धालुओं की खासी भीड़-भाड़ रही। सीमावर्ती जनपद पन्ना, सतना सहित कई प्रदेशों के लोग दर्शनों के लिए यहां आए। आयोजकों के एनाउंस के बाद भी लोगों ने न मास्क लगाया और न ही सोशल डिस्टेसिंग का पालन किया।
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