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बांदाः महामारी में गर्भ निरोधक संसाधनों की बढ़ी खपत
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बांदा। विश्व गर्भ निरोधक दिवस शनिवार (26 सितंबर) को मनाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कोरोना संक्रमण काल में पुरुषों को कंडोम और महिलाओं को पीपीआईयूसीडी खूब पसंद आया। दोनों की काफी खपत हुई।
नोडल अधिकारी/एसीएमओ डॉ. आरएन प्रसाद ने बताया कि गर्भ निरोधक संसाधन अपनाने में महिलाओं की दिलचस्पी बढ़ी है। जिले में इस वर्ष महामारी के बावजूद मार्च से अगस्त तक 17 महिलाओं और एक पुरुष ने नसबंदी कराई है।
पिछले साल की अपेक्षा महिला और पुरुषों में गर्भ निरोधक साधन अपनाने का क्रेज बढ़ा है। पिछले साल 27 महिलाओं ने नसबंदी, 2618 ने आईयूसीडी, 1841 ने पीपीआईसीयूडी, 486 ने छाया टेबलेट और 1119 महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन लेकर परिवार नियोजन अपनाया।
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उन्होंने कहा कि मातृ और शिशु मृत्युदर कम करने का लगातार प्रयास जारी है। बताया कि गर्भ निरोधक संसाधन अपनाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने पर मिशन परिवार विकास की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ सुरेश पांडेय ने बताया कि पुरुष नसबंदी पर 3000 और महिला नसबंदी पर 2000 रुपये लाभार्थी को दिए जाते हैं। डिलीवरी के 48 घंटे के भीतर नसबंदी कराने पर महिला को 3000 रुपये और डिलीवरी के बाद पीपीआईसीडी में महिला को 300 रुपये मिलते हैं।
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नोडल अधिकारी/एसीएमओ डॉ. आरएन प्रसाद ने बताया कि गर्भ निरोधक संसाधन अपनाने में महिलाओं की दिलचस्पी बढ़ी है। जिले में इस वर्ष महामारी के बावजूद मार्च से अगस्त तक 17 महिलाओं और एक पुरुष ने नसबंदी कराई है।
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पिछले साल की अपेक्षा महिला और पुरुषों में गर्भ निरोधक साधन अपनाने का क्रेज बढ़ा है। पिछले साल 27 महिलाओं ने नसबंदी, 2618 ने आईयूसीडी, 1841 ने पीपीआईसीयूडी, 486 ने छाया टेबलेट और 1119 महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन लेकर परिवार नियोजन अपनाया।
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उन्होंने कहा कि मातृ और शिशु मृत्युदर कम करने का लगातार प्रयास जारी है। बताया कि गर्भ निरोधक संसाधन अपनाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने पर मिशन परिवार विकास की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ सुरेश पांडेय ने बताया कि पुरुष नसबंदी पर 3000 और महिला नसबंदी पर 2000 रुपये लाभार्थी को दिए जाते हैं। डिलीवरी के 48 घंटे के भीतर नसबंदी कराने पर महिला को 3000 रुपये और डिलीवरी के बाद पीपीआईसीडी में महिला को 300 रुपये मिलते हैं।