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Banda News: पिता व भाभी की हत्या में आजीवन कारावास
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बांदा। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने पिता और भाभी की हत्या में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 52 हजार का जुर्माना भी किया है। घटना मरका थाना क्षेत्र के मऊ गांव में साढ़े छह साल पहले बंटवारे के लिए हुए विवाद में की थी
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील तिवारी, सहायक शासकीय अधिवक्ता श्रवण तिवारी ने बताया कि मर्का के मऊ गांव में चक्की व स्पेलर के बंटवारे को लेकर 19 जनवरी 2017 की शाम पिता सालिक व बेटा महेंद्र के बीच विवाद हो गया। महेंद्र ने पिता सालिक पर फावड़े से हमला कर सिर व मुंह पर कई वार किए। बचाने दौड़ी बड़े बेटे की पत्नी सरोज पर भी आरोपी ने हमला किया। दोनों जब जमीन पर गिर गए तो आरोपी भाग खड़ा हुआ। सालिक और सरोज की मौत हो गई।
उधर, घटना की सूचना सरोज की बेटी निधू, रानी व बेटे राज ने कलाना गांव निवासी अपने मामा नरोत्तम सिंह को दी। सूचना मिलते ही मामा परिवार के कई लोगों के साथ घटना स्थल पहुंच गया। देखा कि बहन सरोज का शव अस्पताल में रखा है। बहन के ससुर का शव घर पर पड़ा है। मामा ने थाने में रात्रि 10 बजे महेंद्र के विरुद्ध नामजद दर्ज कराई।
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पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर 18 मई 2017 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व बचाव पक्ष के अधिवक्ता मूलचन्द्र कुशवाहा चीफ लीगल एंड डिफेंस काउसिंल व अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने महेन्द्र सिंह को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील तिवारी, सहायक शासकीय अधिवक्ता श्रवण तिवारी ने बताया कि मर्का के मऊ गांव में चक्की व स्पेलर के बंटवारे को लेकर 19 जनवरी 2017 की शाम पिता सालिक व बेटा महेंद्र के बीच विवाद हो गया। महेंद्र ने पिता सालिक पर फावड़े से हमला कर सिर व मुंह पर कई वार किए। बचाने दौड़ी बड़े बेटे की पत्नी सरोज पर भी आरोपी ने हमला किया। दोनों जब जमीन पर गिर गए तो आरोपी भाग खड़ा हुआ। सालिक और सरोज की मौत हो गई।
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उधर, घटना की सूचना सरोज की बेटी निधू, रानी व बेटे राज ने कलाना गांव निवासी अपने मामा नरोत्तम सिंह को दी। सूचना मिलते ही मामा परिवार के कई लोगों के साथ घटना स्थल पहुंच गया। देखा कि बहन सरोज का शव अस्पताल में रखा है। बहन के ससुर का शव घर पर पड़ा है। मामा ने थाने में रात्रि 10 बजे महेंद्र के विरुद्ध नामजद दर्ज कराई।
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पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर 18 मई 2017 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व बचाव पक्ष के अधिवक्ता मूलचन्द्र कुशवाहा चीफ लीगल एंड डिफेंस काउसिंल व अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने महेन्द्र सिंह को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।