केन खतरे के निशान पार
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बांदा। मध्य प्रदेश की घाटियों और बांधों के जल संग्रह क्षेत्रों मे कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से गंगऊ और बरियारपुर बांध फिर उफना गए। इनसे डिस्चार्ज हो रहे ढाई लाख क्यूसिक से ज्यादा पानी को भी केन नदी को भी खतरे के निशान पर ला दिया है। देर रात केन नदी लाल निशान से दो मीटर ऊपर पहुंच गई। उधर, यमुना नदी हमीरपुर में घटने लगी है। इससे चिल्ला घाट में भी इसमें गिरावट आएगी। बीते 24 घंटों में गंगऊ में 80, बरियारपुर में 70 और रनगवां में 85 मिलीमीटर बारिश हुई। गंगऊ से बुधवार को सुबह 2,04,000 क्यूसिक और बरियारपुर से 2,50,250 क्यूसिक पानी केन नदी में डिस्चार्ज हो रहा था।
गंगऊ का जल स्तर 741 फिट पार कर गया था। बरियारपुर का पैमाना 618.5 फिट पर आ गया लेकिन शाम को दोनों बांधों के डिस्चार्ज में गिरावट आई। गंगऊ घटकर 1,79,000 क्यूसिक और बारियारपुर 1,99,700 क्यूसिक पर आ गया। यानी 50 हजार क्यूसिक से ज्यादा पानी का डिस्चार्ज कम हुआ। रनगवां बांध 765 फिट पर पहुंच गया। इसकी कुल क्षमता 765 फिट है। केंद्र्रीय जल आयोग के एसडीओ अरविंद कुमार राय द्वारा जारी बुलेटिन में बताया गया है कि बुधवार को रात करीब 11 बजे केन नदी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर 106 मीटर आ गई है। अब इसका जल स्तर घटने की संभावना है। यमुना नदी अभी खतरे के निशान से 2.32 मीटर नीचे है। हमीरपुर में इसका घटना शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार को चिल्ला घाट में भी घटने का अनुमान है।